नई दिल्ली/अहमदाबाद: पेट्रोल में 20 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रण यानी E20 पेट्रोल को लेकर ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉर्पोरेशन (ONGC) के डायरेक्टर ओम प्रकाश सिन्हा ने कहा है कि इसके प्रभावी इस्तेमाल से भारत की कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम करने में मदद मिल सकती है। उन्होंने कहा कि यदि E20 को उपभोक्ताओं को बिना तकनीकी परेशानी के उपलब्ध कराया जा सके, तो इससे देश के आयात बिल पर असर पड़ सकता है और ऊर्जा आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिल सकता है। सिन्हा ने यह बात 28 सितंबर को अहमदाबाद स्थित ONGC Institute of Reservoir Studies में आयोजित India Energy Week 2027 के कर्टेन-रेजर कार्यक्रम के दौरान कही। यह कार्यक्रम कोलकाता में आयोजित मुख्य कार्यक्रम से वर्चुअली जुड़ा था। E20 को लेकर ONGC डायरेक्टर ने क्या कहा? ओम प्रकाश सिन्हा के मुताबिक भारत अपनी कच्चे तेल की जरूरत का करीब 90 प्रतिशत हिस्सा आयात करता है। ऐसे में पेट्रोल में 20 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रण को प्रभावी तरीके से लागू करने से आयात आवश्यकता में कमी आ सकती है। उन्होंने माना कि E20 का देशभर में इस्तेमाल अपने आप में एक चुनौती है, लेकिन तकनीक और नए समाधान के जरिए उपभोक्ताओं को किसी बड़ी परेशानी के बिना इसे लागू करने के रास्ते तलाशे जा सकते हैं। ऊर्जा सुरक्षा के लिए कई विकल्पों पर जोर पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति से जुड़े जोखिमों के बीच सिन्हा ने ऊर्जा सुरक्षा के लिए किसी एक स्रोत या सप्लाई रूट पर निर्भरता कम करने की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि भारत को ऊर्जा आपूर्ति के कई वैकल्पिक विकल्प तैयार रखने चाहिए, ताकि किसी एक मार्ग में व्यवधान आने पर घरेलू जरूरतों पर इसका असर कम से कम हो। उन्होंने बताया कि घरेलू तेल और गैस उत्पादन बढ़ाने के लिए ONGC फ्रंटियर और कम खोजे गए क्षेत्रों के साथ-साथ डीपवॉटर क्षेत्रों पर भी ध्यान बढ़ा रही है। जनवरी 2027 में कोलकाता में होगा India Energy Week India Energy Week 2027 का आयोजन 28 से 31 जनवरी 2027 तक कोलकाता के New Town Convention Centre में होगा। कार्यक्रम पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के संरक्षण में आयोजित किया जा रहा है और Federation of Indian Petroleum Industry (FIPI) इसकी आयोजन संस्था है। आधिकारिक जानकारी के मुताबिक आयोजन में 75,000 से अधिक ऊर्जा पेशेवरों और 700 से ज्यादा अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शकों के शामिल होने की उम्मीद है। कार्यक्रम में ऊर्जा सुरक्षा, सस्टेनेबिलिटी, डिकार्बोनाइजेशन और तकनीकी नवाचार के साथ तेल-गैस, LNG, हाइड्रोजन, बायोफ्यूल्स, पेट्रोकेमिकल्स, डिजिटलाइजेशन और AI जैसे क्षेत्रों पर चर्चा होगी। E20 के साथ घरेलू उत्पादन बढ़ाने पर भी फोकस E20 को लेकर चर्चा के साथ भारत की ऊर्जा रणनीति में घरेलू तेल-गैस उत्पादन बढ़ाना और आयात स्रोतों में विविधता लाना भी प्रमुख विषय है। ONGC की ओर से कम खोजे गए क्षेत्रों और गहरे समुद्री क्षेत्रों में गतिविधियां बढ़ाने की बात कही गई है। इस तरह E20, घरेलू उत्पादन और वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों को भारत की दीर्घकालिक ऊर्जा सुरक्षा से जुड़े व्यापक प्रयासों के हिस्से के तौर पर देखा जा रहा है।