Rajasthan Local Body Election 2026: 9 और 11 सितंबर को वोटिंग, 309 निकायों में चुनाव

राजस्थान नगर निकाय चुनाव 2026 की तारीखों का ऐलान हो गया है। 309 निकायों में 9 और 11 सितंबर को मतदान होगा। जानिए वोटिंग, मतगणना और चुनाव की पूरी जानकारी।

राजस्थान नगर निकाय चुनाव 2026 की तारीखों का ऐलान

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राजस्थान नगर निकाय चुनाव 2026: 9 और 11 सितंबर को वोटिंग, 309 निकायों में लागू हुई आचार संहिता

जयपुर: राजस्थान में नगर निकाय चुनाव 2026 का चुनावी बिगुल बज गया है। राज्य निर्वाचन आयोग ने प्रदेश के 309 नगरीय निकायों के लिए चुनाव कार्यक्रम जारी कर दिया है। चुनाव की घोषणा के साथ ही संबंधित क्षेत्रों में आदर्श आचार संहिता तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है।

राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार नगर निकाय चुनाव दो चरणों में कराए जाएंगे। पहले चरण में 9 सितंबर 2026 और दूसरे चरण में 11 सितंबर 2026 को मतदान होगा। वोटिंग का समय सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक निर्धारित किया गया है।

आयोग के कार्यक्रम के मुताबिक पहले चरण की मतगणना 14 सितंबर, जबकि दूसरे चरण के मतदान की मतगणना 21 सितंबर को होगी। इसके बाद निकाय प्रमुख और उपाध्यक्ष के चुनाव की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

309 नगरीय निकायों में होगा चुनाव

इस बार राजस्थान के 309 नगरीय निकायों में स्थानीय सरकार चुनी जाएगी। इनमें नगर निगम, नगर परिषद और नगर पालिकाएं शामिल हैं। चुनाव कार्यक्रम जारी होते ही राजनीतिक दलों और संभावित प्रत्याशियों की गतिविधियां तेज हो गई हैं।

राजस्थान नगर निकाय चुनाव 2026 की प्रमुख तारीखें

चुनाव प्रक्रिया

तारीख

चुनाव अधिसूचना

27 अगस्त 2026

नामांकन शुरू

27 अगस्त 2026

नामांकन की अंतिम तारीख

31 अगस्त 2026

पहले चरण का मतदान

9 सितंबर 2026

दूसरे चरण का मतदान

11 सितंबर 2026

पहले चरण की मतगणना

14 सितंबर 2026

दूसरे चरण की मतगणना

21 सितंबर 2026

निकाय प्रमुख का चुनाव

21 सितंबर 2026

उपाध्यक्ष का चुनाव

22 सितंबर 2026

1.44 करोड़ से ज्यादा मतदाता डालेंगे वोट

राज्य निर्वाचन आयोग के आंकड़ों के मुताबिक इस बार प्रदेश में 1,44,03,853 मतदाता नगर निकाय चुनाव में मतदान करेंगे। वर्ष 2019 की तुलना में मतदाताओं की संख्या में 27.24 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।

मतदाताओं की संख्या के मामले में जयपुर सबसे आगे है। जयपुर में करीब 24.20 लाख मतदाता हैं। वहीं बूंदी जिले का इंद्रगढ़ सबसे छोटा नगरीय क्षेत्र है, जहां 4,744 मतदाता दर्ज हैं।

प्रमुख आंकड़ा

2026

कुल नगरीय निकाय

309

कुल मतदाता

1,44,03,853

कुल वार्ड

10,245

मतदान केंद्र

16,465

चुनाव ड्यूटी में कार्मिक

1,15,255

मतदान का माध्यम

EVM

7,500 से बढ़कर 10,245 हुए वार्ड

नगर निकायों की संख्या बढ़ने के साथ इस बार वार्डों की संख्या में भी बड़ा इजाफा हुआ है। वर्ष 2019 में 196 नगरीय निकायों में 7,500 वार्ड थे। अब 309 निकायों में कुल 10,245 वार्ड होंगे।

इसी तरह मतदान केंद्रों की संख्या भी बढ़ी है। 2019 में 10,153 मतदान केंद्र थे, जबकि इस चुनाव में 16,465 मतदान केंद्र बनाए जाएंगे।

चुनाव में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन यानी EVM का इस्तेमाल किया जाएगा।

चुनाव ड्यूटी में 1.15 लाख से ज्यादा कर्मचारी

राज्य निर्वाचन आयोग ने चुनाव कराने के लिए 1,15,255 कार्मिकों की व्यवस्था की है। मतदान और मतगणना दलों का गठन रेंडमाइजेशन प्रक्रिया के जरिए किया जाएगा।

चुनाव ड्यूटी में लगाए जाने वाले कर्मचारियों को दो चरणों में प्रशिक्षण दिया जाएगा। चुनाव प्रक्रिया की निगरानी के लिए पर्यवेक्षक नियुक्त होंगे और राज्य तथा जिला स्तर पर कंट्रोल रूम भी स्थापित किए जाएंगे।

दिव्यांग मतदाताओं के लिए मतदान केंद्रों पर आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए हैं।

प्रत्याशियों के चुनाव खर्च की सीमा

आयोग ने अलग-अलग निकायों के पार्षद पद के उम्मीदवारों के लिए चुनाव खर्च की अधिकतम सीमा भी तय की है।

पद

अधिकतम चुनाव खर्च

नगर निगम पार्षद

₹3.50 लाख

नगर परिषद पार्षद

₹2.50 लाख

नगरपालिका सदस्य

₹1.50 लाख

उम्मीदवारों को चुनाव खर्च का पूरा हिसाब निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार प्रस्तुत करना होगा।

आचार संहिता लागू, प्रचार पर भी नजर

चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के साथ ही संबंधित नगरीय निकाय क्षेत्रों में आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है। अब राजनीतिक दलों और प्रत्याशियों को चुनाव आयोग के नियमों के अनुसार प्रचार करना होगा।

वाहनों और लाउडस्पीकर के इस्तेमाल समेत चुनाव प्रचार से जुड़े मामलों में निर्धारित अनुमति और नियमों का पालन करना होगा। सरकारी मशीनरी या संसाधनों के दुरुपयोग पर भी आयोग की नजर रहेगी।

जयपुर, जोधपुर, अजमेर समेत सभी बड़े शहरों में चुनावी हलचल

चुनाव की तारीख सामने आने के बाद प्रदेश के बड़े शहरों में राजनीतिक गतिविधियां बढ़ने लगी हैं। टिकट के संभावित दावेदार पार्टी नेताओं से संपर्क कर रहे हैं और वार्ड स्तर पर अपना जनसंपर्क तेज कर रहे हैं।

जयपुर, जोधपुर, अजमेर, उदयपुर, कोटा, बीकानेर और भरतपुर जैसे प्रमुख नगरीय क्षेत्रों में स्थानीय राजनीतिक समीकरणों को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है।

अजमेर में 9 निकायों के 315 वार्डों में मुकाबला

अजमेर जिले में कुल 9 नगरीय निकायों के 315 वार्डों में चुनाव होना है। अजमेर नगर निगम में 80 वार्ड हैं।

आयोग के कार्यक्रम के अनुसार अजमेर नगर निगम, किशनगढ़ और पुष्कर में 9 सितंबर को मतदान होगा। वहीं पीसांगन, टांटोटी, केकड़ी, सरवाड़, नसीराबाद और सांवर में 11 सितंबर को वोट डाले जाएंगे।

अजमेर नगर निगम में इस बार महापौर पद अनारक्षित महिला के लिए आरक्षित है। आरक्षण और परिसीमन के बाद कई वार्डों में पुराने राजनीतिक समीकरण बदलने की संभावना है।

उदयपुर में भी बढ़ी चुनावी गतिविधियां

उदयपुर में नगर निगम के अलावा भींडर, कानोड़, वल्लभनगर, मावली और फतहनगर-सनवाड़ नगर निकायों में चुनाव होंगे। इन क्षेत्रों में भी राजनीतिक दलों ने संभावित प्रत्याशियों को लेकर कवायद तेज कर दी है।

उदयपुर नगर निगम के 80 वार्डों में करीब 4.15 लाख मतदाता अपने प्रतिनिधि चुनेंगे।

कार्यक्रम के अनुसार भींडर, वल्लभनगर और फतहनगर-सनवाड़ में पहले चरण यानी 9 सितंबर को मतदान होगा, जबकि उदयपुर नगर निगम, कानोड़ और मावली में दूसरे चरण यानी 11 सितंबर को वोटिंग होगी।

भाजपा-कांग्रेस ने शुरू की टिकट की तैयारी

चुनाव की घोषणा के साथ भाजपा और कांग्रेस दोनों दलों में टिकट को लेकर दावेदारियां तेज होने लगी हैं। वार्ड स्तर पर संभावित उम्मीदवार अपने-अपने समीकरण मजबूत करने में जुट गए हैं।

भाजपा की ओर से संभावित प्रत्याशियों को लेकर सर्वे और संगठनात्मक स्तर पर फीडबैक लेने की प्रक्रिया की बात कही गई है। वहीं कांग्रेस भी सभी प्रमुख निकायों में मजबूत उम्मीदवार उतारने की तैयारी में है।

नगर निकाय चुनाव के बाद प्रदेश में पंचायत चुनाव कराए जाने की योजना है। ऐसे में राजस्थान की स्थानीय राजनीति के लिए यह चुनाव काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

राजस्थान में 'एक राज्य, एक चुनाव' की दिशा में कदम

राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार स्थानीय निकाय चुनाव पहले और उसके बाद पंचायत चुनाव कराने की दिशा में प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। आयोग इसे 'एक राज्य, एक चुनाव' की अवधारणा के तहत चरणबद्ध चुनाव प्रक्रिया के रूप में आगे बढ़ा रहा है।

अब सितंबर में होने वाले नगर निकाय चुनाव में मतदाता अपने-अपने शहर और कस्बे की स्थानीय सरकार चुनेंगे। चुनावी तारीखों के ऐलान के साथ ही राजस्थान में स्थानीय राजनीति का माहौल पूरी तरह चुनावी हो गया है।

 


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Diya is a passionate and dedicated News Editor focused on delivering accurate, timely, and trustworthy news. She specializes in editing, fact-checking, and publishing stories across local, national, and international events.

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