अलवर के डगडगा स्कूल में शिक्षकों की कमी पर ग्रामीणों का फूटा गुस्सा, गेट पर जड़ा ताला; विभाग ने लगाए 2 शिक्षक
अलवर: राजस्थान के अलवर जिले के रेणी ब्लॉक स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय डगडगा में शिक्षकों की कमी को लेकर ग्रामीणों ने शनिवार को विरोध प्रदर्शन किया। नाराज ग्रामीणों ने स्कूल के मुख्य गेट पर ताला लगा दिया। सूचना मिलने पर शिक्षा विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों से बातचीत की। इसके बाद विभाग ने पास के स्कूल से दो शिक्षकों की व्यवस्था कर स्कूल में पढ़ाई दोबारा शुरू कराई।
ग्रामीणों का कहना है कि विद्यालय में लंबे समय से महत्वपूर्ण विषयों के शिक्षकों की कमी है। खास तौर पर गणित और विज्ञान विषय के शिक्षकों की कमी के कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही थी। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि समस्या को लेकर पहले भी विभागीय अधिकारियों को अवगत कराया गया था, लेकिन अपेक्षित समाधान नहीं हुआ।
शिक्षकों की कमी को लेकर ग्रामीण नाराज
जानकारी के अनुसार डगडगा के सरकारी स्कूल में व्याख्याता और सेकंड ग्रेड शिक्षकों के कई पदों की कमी बताई जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि स्कूल में अन्य व्यवस्थाएं ठीक हैं, लेकिन विषय विशेषज्ञ शिक्षकों की कमी के कारण बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
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ग्रामीणों ने विभाग से जल्द स्थायी समाधान की मांग की थी। शनिवार को जब समस्या का समाधान नहीं हुआ तो नाराज लोगों ने स्कूल के गेट पर ताला लगा दिया।
सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे शिक्षा अधिकारी
रेणी के सीबीईओ राजेंद्र मीणा को स्कूल में तालाबंदी की सूचना मिली। इसके बाद अधिकारी मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों से बातचीत की। अधिकारियों ने शिक्षकों की व्यवस्था करने का भरोसा दिया।
सीबीईओ के अनुसार, फिलहाल विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए पास के विद्यालय से दो शिक्षकों को डगडगा स्कूल में लगाया गया है।
शिक्षकों की वैकल्पिक व्यवस्था किए जाने के बाद ग्रामीणों ने स्कूल का गेट खोल दिया और विद्यालय में पढ़ाई शुरू हो गई।
करीब डेढ़ घंटे तक चला विवाद
स्कूल के गेट पर तालाबंदी के कारण छात्र-छात्राएं और शिक्षक बाहर खड़े रहे। मौके पर ग्रामीणों की भीड़ भी जमा हो गई। करीब डेढ़ घंटे तक समझाइश और बातचीत का दौर चला। इसके बाद ताला खोला गया।
घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आया है, जिसमें स्कूल के मुख्य गेट पर ताला लगा दिखाई दे रहा है। वीडियो में स्कूल के बाहर विद्यार्थी, शिक्षक और ग्रामीण नजर आ रहे हैं।
ग्रामीणों की मांग- मुख्य विषयों के शिक्षक हों नियुक्त
ग्रामीणों का कहना है कि दो शिक्षकों की अस्थायी व्यवस्था से तत्काल राहत तो मिली है, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान जरूरी है। उन्होंने स्कूल में विज्ञान, गणित और अन्य महत्वपूर्ण विषयों के पर्याप्त शिक्षकों की नियुक्ति की मांग की है।
ग्रामीणों का कहना है कि सरकारी स्कूल में पढ़ने वाले विद्यार्थियों की शिक्षा प्रभावित नहीं होनी चाहिए। अब देखना होगा कि शिक्षा विभाग की ओर से की गई दो शिक्षकों की अस्थायी व्यवस्था के बाद स्कूल में शिक्षकों की कमी को स्थायी रूप से कब दूर किया जाता है।

Diya












