Rajasthan High Court: जस्टिस संजय कुमार अग्रवाल ने संभाली मुख्य न्यायाधीश की जिम्मेदारी, राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने दिलाई शपथ
जयपुर: राजस्थान हाईकोर्ट को नया मुख्य न्यायाधीश मिल गया है। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट से स्थानांतरित होकर आए जस्टिस संजय कुमार अग्रवाल ने राजस्थान हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश पद की शपथ ली। लोक भवन में आयोजित समारोह में राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने उन्हें पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई।
जस्टिस अग्रवाल की नियुक्ति को राजस्थान हाईकोर्ट के न्यायिक और प्रशासनिक कामकाज के लिहाज से अहम माना जा रहा है। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने उनके नाम की सिफारिश की थी, जिसके बाद केंद्र सरकार ने राजस्थान हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश पद पर उनकी नियुक्ति को मंजूरी दी।
लोक भवन में हुआ शपथ ग्रहण समारोह
जस्टिस संजय कुमार अग्रवाल के शपथ ग्रहण समारोह में राजस्थान सरकार, न्यायपालिका और प्रशासन से जुड़े कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी और डॉ. प्रेमचंद बैरवा सहित मंत्रिमंडल के सदस्य भी समारोह में शामिल हुए।
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इसके अलावा राजस्थान हाईकोर्ट के न्यायाधीश, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, जनप्रतिनिधि और अधिवक्ता भी कार्यक्रम में मौजूद रहे। जस्टिस अग्रवाल के परिवार के सदस्य भी इस महत्वपूर्ण अवसर के साक्षी बने।
राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ही हाईकोर्ट के न्यायाधीशों को शपथ दिलाने की संवैधानिक प्रक्रिया में भूमिका निभाते हैं। संविधान के अनुच्छेद 219 के तहत हाईकोर्ट के न्यायाधीश राज्यपाल या उनके द्वारा अधिकृत व्यक्ति के समक्ष शपथ लेते हैं।
कौन हैं जस्टिस संजय कुमार अग्रवाल?
जस्टिस संजय कुमार अग्रवाल का न्यायिक और कानूनी क्षेत्र में लंबा अनुभव रहा है। वह इससे पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में न्यायाधीश के तौर पर कार्यरत थे। मुख्य न्यायाधीश के रूप में राजस्थान हाईकोर्ट में उनकी नियुक्ति से उनके व्यापक न्यायिक अनुभव का लाभ मिलने की उम्मीद है।
न्यायाधीश बनने से पहले भी उन्होंने सरकारी पक्ष की ओर से महत्वपूर्ण कानूनी जिम्मेदारियां निभाईं। उन्होंने छत्तीसगढ़ में डिप्टी एडवोकेट जनरल और एडवोकेट जनरल के तौर पर भी सेवाएं दीं।
1989 में शुरू हुआ था वकालत का सफर
जस्टिस संजय कुमार अग्रवाल ने 3 जनवरी 1989 को अधिवक्ता के रूप में अपना नामांकन कराया था। इसके बाद उन्होंने विभिन्न न्यायिक मंचों पर लंबे समय तक प्रैक्टिस की और राज्य तथा केंद्र सरकार के महत्वपूर्ण विभागों की ओर से अदालतों में पक्ष रखा।
सरकारी अधिवक्ता के तौर पर काम करते हुए उन्हें छत्तीसगढ़ के एडवोकेट जनरल की जिम्मेदारी भी मिली। कानूनी क्षेत्र में लंबे अनुभव के बाद उनका न्यायिक करियर आगे बढ़ा।
2013 में हाईकोर्ट के अतिरिक्त न्यायाधीश बने
जस्टिस अग्रवाल को 16 सितंबर 2013 को छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का अतिरिक्त न्यायाधीश नियुक्त किया गया था। इसके बाद 8 मार्च 2016 को उन्होंने स्थायी न्यायाधीश के रूप में शपथ ली।
इसके बाद से उन्होंने छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में न्यायिक जिम्मेदारियां निभाईं। अब राजस्थान हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के तौर पर उनके सामने न्यायिक प्रशासन और हाईकोर्ट की कार्यप्रणाली से जुड़ी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां होंगी।
राजस्थान हाईकोर्ट को मिला नया नेतृत्व
जस्टिस संजय कुमार अग्रवाल की नियुक्ति ऐसे समय हुई है जब राजस्थान हाईकोर्ट में नियमित मुख्य न्यायाधीश को लेकर बदलाव की प्रक्रिया चल रही थी। केंद्र की मंजूरी के बाद उनकी नियुक्ति को राजस्थान न्यायपालिका के लिए महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
राजस्थान हाईकोर्ट की आधिकारिक वेबसाइट न्यायपालिका और उसके प्रशासनिक ढांचे की जानकारी उपलब्ध कराती है।
न्यायिक अनुभव पर टिकी रहेंगी उम्मीदें
जस्टिस अग्रवाल के पास वकालत से लेकर हाईकोर्ट के न्यायाधीश और सरकारी विधि अधिकारी के रूप में काम करने का लंबा अनुभव है। ऐसे में राजस्थान हाईकोर्ट की नई जिम्मेदारी उनके लिए एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक और न्यायिक भूमिका होगी।
उनके कार्यकाल में लंबित मामलों के निपटारे, न्यायिक प्रशासन और हाईकोर्ट की कार्यक्षमता को लेकर भी कई उम्मीदें रहेंगी। अब राजस्थान की न्यायिक व्यवस्था में उनके नेतृत्व की दिशा पर सभी की नजर रहेगी।

Diya












