Rajasthan Assembly Monsoon Session: आज से विधानसभा का मानसून सत्र, UCC समेत कई मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी जयपुर: राजस्थान विधानसभा का मानसून सत्र आज से शुरू हो रहा है। विधानसभा की कार्यवाही सुबह 11 बजे शुरू होगी। सत्र के पहले दिन सदन में शोकाभिव्यक्ति के बाद विधायी कामकाज आगे बढ़ेगा। वहीं, सत्र शुरू होने से पहले ही सत्ता पक्ष और विपक्ष ने अपनी-अपनी रणनीति तैयार कर ली है। सीमित अवधि के इस सत्र में समान नागरिक संहिता (UCC), कानून-व्यवस्था, किसान, रोजगार, युवाओं, कर्मचारियों और चंदा चोरी जैसे मुद्दों पर सदन में हंगामा होने के आसार हैं। विपक्ष सरकार को घेरने की तैयारी में है, जबकि भाजपा विधायक दल की बैठक में सरकार की उपलब्धियों और विपक्ष के सवालों का जवाब देने की रणनीति बनाई गई है। पहले दिन क्या होगा विधानसभा में? राजस्थान विधानसभा के मानसून सत्र के पहले दिन सदन की कार्यवाही निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आगे बढ़ेगी। शोकाभिव्यक्ति के अलावा पिछले सत्रों में पारित उन विधेयकों की जानकारी सदन के पटल पर रखी जाएगी, जिन्हें राज्यपाल की मंजूरी मिल चुकी है। इसके साथ ही कार्यसूची के अनुसार जरूरी सरकारी दस्तावेज, प्रतिवेदन और अन्य पत्र सदन में प्रस्तुत किए जाएंगे। शोकाभिव्यक्ति के बाद शुरू होगा कामकाज पहले दिन सदन में दिवंगत पूर्व जनप्रतिनिधियों और अन्य प्रमुख व्यक्तियों के निधन पर शोक व्यक्त किया जाएगा। इसके बाद विधानसभा की नियमित कार्यवाही शुरू होगी। शोकाभिव्यक्ति के बाद सदन में आगे के विधायी कार्यों को लिया जाएगा। राज्यपाल ने 10 विधेयक पुनर्विचार के लिए लौटाए विधानसभा सत्र से ठीक पहले राज्यपाल हरिभाऊ बागडे की ओर से 10 विधेयकों को पुनर्विचार के लिए लौटाए जाने का मुद्दा भी महत्वपूर्ण हो गया है। बताई गई जानकारी के अनुसार इनमें से 9 विधेयक पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार के कार्यकाल से जुड़े हैं, जबकि एक विधेयक पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के पहले कार्यकाल का है। पुनर्विचार के लिए लौटाए गए विधेयकों में व्यास विद्या पीठ विश्वविद्यालय जोधपुर विधेयक 2022, सौरभ विश्वविद्यालय हिंडौन सिटी विधेयक 2022 और राजस्थान विद्युत (शुल्क) विधेयक 2023 शामिल हैं। इसके अलावा 2020 के तीन कृषि संशोधन विधेयक, नाथद्वारा मंदिर संशोधन विधेयक 2023, राजस्थान लिंचिंग से संरक्षण विधेयक 2019, सम्मान के नाम पर वैवाहिक स्वतंत्रता में हस्तक्षेप प्रतिषेध विधेयक 2019 और राजस्थान धर्म स्वातंत्र्य विधेयक 2008 भी इस सूची में शामिल बताए गए हैं। इन विधेयकों को लेकर विधानसभा में सरकार और विपक्ष के बीच राजनीतिक बहस तेज होने की संभावना है। UCC पर सबसे ज्यादा नजर राजस्थान विधानसभा के इस सत्र में समान नागरिक संहिता यानी UCC सबसे चर्चित मुद्दों में रह सकती है। सरकार की ओर से UCC को लेकर विधेयक लाने के संकेत दिए गए हैं। संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि सरकार UCC पर सदन में चर्चा के लिए तैयार है। ऐसे में यदि विधेयक सदन में आता है तो उस पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच विस्तृत बहस देखने को मिल सकती है। विपक्ष किन मुद्दों पर सरकार को घेरेगा? विपक्ष ने सरकार को घेरने के लिए कई जनहित के मुद्दे तैयार किए हैं। इनमें कानून-व्यवस्था, बेरोजगारी, किसान, युवाओं के रोजगार, शिक्षा, कर्मचारियों से जुड़े मामले और चंदा चोरी जैसे मुद्दे शामिल हैं। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली की ओर से सत्र की अवधि बढ़ाने की मांग भी उठाई गई है। विपक्ष का कहना है कि जनता से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर पर्याप्त चर्चा के लिए सदन को ज्यादा समय मिलना चाहिए। भाजपा विधायक दल की बैठक में बनी रणनीति सत्र शुरू होने से पहले मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मुख्यमंत्री निवास पर भाजपा विधायक दल की बैठक की। बैठक में विधायकों को सदन में सक्रिय भूमिका निभाने और सरकार की उपलब्धियों को मजबूती से रखने के निर्देश दिए गए। सत्ता पक्ष की रणनीति सरकार के कार्यकाल की उपलब्धियों को सदन में रखने और विपक्ष की ओर से लगाए जाने वाले आरोपों का तथ्यों के आधार पर जवाब देने की है। भाजपा की ओर से कांग्रेस के पिछले पांच साल के शासन और मौजूदा सरकार के कार्यकाल की तुलना को भी सदन में प्रमुख मुद्दा बनाए जाने की संभावना है। सत्र के कामकाज पर आज होगी सलाहकार समिति की बैठक सदन की कार्यवाही समाप्त होने के बाद विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी की अध्यक्षता में सलाहकार समिति की बैठक प्रस्तावित है। इसमें आगामी दिनों के विधायी और अन्य कार्यों को लेकर चर्चा की जाएगी। सत्र की अवधि सीमित होने के कारण यह बैठक महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इसमें लंबित विधेयकों और अन्य जरूरी कार्यों को उपलब्ध समय में किस तरह सदन के सामने रखा जाए, इस पर फैसला लिया जा सकता है। राजस्थान विधानसभा सत्र में हंगामे के आसार मानसून सत्र की शुरुआत से पहले ही सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच मुद्दों को लेकर तल्खी दिखाई दे रही है। UCC से लेकर कानून-व्यवस्था और रोजगार तक कई ऐसे विषय हैं जिन पर दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस की संभावना है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि विधानसभा की कार्यवाही कितनी सुचारु रहती है और सरकार-विपक्ष किन मुद्दों पर आमने-सामने आते हैं।