जोधपुर में बैंक खातों की निगरानी के लिए पासबुक अपडेट जरूरी, BLS E-Services के नेटवर्क में 10 हजार से ज्यादा मशीनें जोधपुर। बैंकिंग सेवाओं को आम लोगों के करीब पहुंचाने में बिजनेस कॉरेस्पोंडेंट (BC) केंद्रों की भूमिका लगातार महत्वपूर्ण हो रही है। खासकर ऐसे ग्राहकों के लिए, जो बैंक शाखा से दूर रहते हैं या डिजिटल बैंकिंग का नियमित इस्तेमाल नहीं करते, इन केंद्रों पर पासबुक प्रिंटिंग की सुविधा खाते का रिकॉर्ड देखने का आसान माध्यम बन रही है। इससे ग्राहक जमा, निकासी और खाते में उपलब्ध शेष राशि की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। BLS E-Services Ltd. के अनुसार, कंपनी के BC नेटवर्क में 10 हजार से अधिक पासबुक प्रिंटिंग मशीनें लगाई गई हैं। इनके माध्यम से नेटवर्क पर हर साल करीब दो करोड़ पासबुक अपडेट की जाती हैं। कंपनी का कहना है कि यह सुविधा उन ग्राहकों के लिए विशेष रूप से उपयोगी है, जो बैंकिंग लेनदेन के लिए सहायता-आधारित सेवाओं पर निर्भर रहते हैं। म्यूल खातों से जुड़ी गतिविधियों को लेकर जोधपुर पर भी नजर प्रेस रिलीज में साझा किए गए अध्ययन के मुताबिक, अप्रैल 2025 से जून 2026 के बीच करीब 130 जिलों के वीडियो-KYC डेटा का विश्लेषण किया गया। इसमें जोधपुर को म्यूल खातों से जुड़ी गतिविधियों के लिहाज से संवेदनशील क्षेत्रों में शामिल किया गया। म्यूल खाते ऐसे बैंक खाते होते हैं, जिनका इस्तेमाल दूसरे लोगों की रकम प्राप्त करने या आगे ट्रांसफर करने के लिए किया जा सकता है। इनका इस्तेमाल कुछ मामलों में साइबर धोखाधड़ी और अवैध धन के लेनदेन में भी किया जाता है। हालांकि, किसी क्षेत्र को संवेदनशील सूची में शामिल किए जाने का अर्थ यह नहीं है कि वहां के सभी खाताधारक या बैंक खाते संदिग्ध हैं। रिलीज के अनुसार, जोधपुर के अलावा उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी, बरेली, वाराणसी, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, फिरोजाबाद, लखनऊ और गाजियाबाद तथा हरियाणा के पानीपत का भी अध्ययन में उल्लेख किया गया है। वीडियो-KYC में कई जिलों में दर्ज हुई अस्वीकृति दर प्रेस रिलीज में दिए गए आंकड़ों के मुताबिक, वीडियो-KYC डेटा में लखीमपुर खीरी में 14.03 प्रतिशत, बरेली में 13.37 प्रतिशत और वाराणसी में 12.32 प्रतिशत अस्वीकृति दर दर्ज की गई। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में इन दरों के पीछे के कारणों और जोधपुर की विशिष्ट अस्वीकृति दर का विवरण नहीं दिया गया है। रिलीज में यह भी दावा किया गया है कि वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान चिन्हित करीब 85 से 90 प्रतिशत फ्रॉड हॉटस्पॉट बाद में कानून प्रवर्तन एजेंसियों की कार्रवाई या मीडिया रिपोर्टों के जरिए सामने आए। इस आंकड़े की स्वतंत्र पुष्टि के लिए अध्ययन की मूल रिपोर्ट और उसकी कार्यप्रणाली का विवरण आवश्यक है। पासबुक अपडेट से संदिग्ध लेनदेन की जानकारी मिल सकती है बैंक खाते की पासबुक नियमित रूप से अपडेट कराने से ग्राहक अपने लेनदेन का रिकॉर्ड देख सकता है। खाते में अनजान जमा, निकासी या ट्रांसफर दिखाई देने पर वह समय रहते बैंक से संपर्क कर जानकारी हासिल कर सकता है। हालांकि, पासबुक अपडेट अपने आप में धोखाधड़ी रोकने की गारंटी नहीं है। ग्राहकों को मोबाइल अलर्ट, बैंक स्टेटमेंट और अन्य उपलब्ध सुरक्षा सुविधाओं का भी इस्तेमाल करना चाहिए। BLS E-Services Ltd. के डिप्टी सीईओ आशीष मिश्रा ने कहा, “असिस्टेड बैंकिंग का इस्तेमाल करने वाले ग्राहकों के लिए अपडेटेड पासबुक खाते की जानकारी का सबसे सरल और परिचित माध्यम है। इससे उन्हें तुरंत पता चलता है कि उनकी जमा या निकासी खाते में सही तरीके से दर्ज हुई है या नहीं।” वरिष्ठ नागरिकों और पेंशनभोगियों के लिए उपयोगी सुविधा BC केंद्रों पर पासबुक प्रिंटिंग की सुविधा वरिष्ठ नागरिकों, पेंशनभोगियों, महिलाओं और सरकारी योजनाओं का लाभ पाने वाले ग्राहकों के लिए उपयोगी हो सकती है। इससे उन्हें बैंक शाखा तक बार-बार जाने की जरूरत कम हो सकती है और वे अपने खाते में दर्ज लेनदेन की जानकारी नियमित रूप से प्राप्त कर सकते हैं। बैंकिंग विशेषज्ञों की सामान्य सलाह के अनुसार, यदि पासबुक में कोई ऐसा लेनदेन दिखाई देता है जिसे खाताधारक पहचान नहीं पा रहा है, तो उसे तुरंत अपने बैंक से संपर्क करना चाहिए। डिजिटल वित्तीय धोखाधड़ी की आशंका होने पर जल्द शिकायत करना भी महत्वपूर्ण है। नोट: अध्ययन के आंकड़े और कंपनी के नेटवर्क से संबंधित जानकारी उपलब्ध कराई गई प्रेस रिलीज पर आधारित हैं। प्रकाशन से पहले अध्ययन की मूल रिपोर्ट और आंकड़ों की स्वतंत्र पुष्टि करना उचित होगा।