Jaipur : जयपुर में ओवैसी का योगी सरकार पर हमला, सहारनपुर मस्जिद कार्रवाई पर बोले- भुगतना पड़ेगा खामियाजा Jaipur : राजस्थान के नगर निकाय चुनावों के बीच AIMIM प्रमुख और हैदराबाद सांसद असदुद्दीन ओवैसी रविवार को जयपुर पहुंचे। पार्टी प्रत्याशियों के समर्थन में प्रचार करने आए ओवैसी ने जयपुर एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत के दौरान सहारनपुर में मस्जिद से जुड़ी कार्रवाई को लेकर उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार पर निशाना साधा। ओवैसी ने आरोप लगाया कि मस्जिद के खिलाफ कार्रवाई में कानूनी प्रक्रिया और अपील के अधिकार की अनदेखी की गई। उन्होंने कहा कि धार्मिक स्थलों से जुड़े मामलों में संविधान और कानून के मुताबिक प्रक्रिया का पालन होना चाहिए। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि इस कार्रवाई का राजनीतिक और कानूनी खामियाजा सरकार को भुगतना पड़ सकता है। सहारनपुर मस्जिद मामले पर ओवैसी ने उठाए सवाल ओवैसी के मुताबिक सहारनपुर में जिस मस्जिद को लेकर कार्रवाई हुई, वह लंबे समय से वहां मौजूद थी। उन्होंने दावा किया कि यह स्थल कलेक्टर कार्यालय के निर्माण से पहले से अस्तित्व में था। उन्होंने यह भी दावा किया कि मस्जिद वक्फ बोर्ड में पंजीकृत है और उसके संबंध में कानूनी अधिकार मौजूद हैं। ओवैसी ने सवाल उठाया कि यदि किसी धार्मिक स्थल को लेकर विवाद है तो संबंधित पक्ष को न्यायिक प्रक्रिया के तहत अपनी बात रखने और अपील करने का अवसर क्यों नहीं दिया गया। AIMIM प्रमुख ने कार्रवाई के समय को लेकर भी सवाल खड़े किए और आरोप लगाया कि सुबह करीब पांच बजे मस्जिद को गिराया गया, जिससे प्रभावित पक्ष को तत्काल कानूनी राहत लेने का पर्याप्त अवसर नहीं मिला। 'हाई कोर्ट जाने का मौका मिलना चाहिए था' ओवैसी ने अपने बयान में कहा कि किसी भी विवादित संपत्ति या धार्मिक स्थल पर प्रशासनिक कार्रवाई से पहले कानून में उपलब्ध न्यायिक उपायों का पालन होना चाहिए। उन्होंने वक्फ बाय यूजर के प्रावधान का उल्लेख करते हुए दावा किया कि मस्जिद को लंबे समय से धार्मिक उपयोग में लिए जाने के कारण कानूनी संरक्षण प्राप्त था। उन्होंने केंद्र के वक्फ कानून में हुए बदलावों पर भी सवाल उठाते हुए इसे संविधान के अनुरूप नहीं बताया। ओवैसी ने यह सवाल भी उठाया कि यदि एक ही स्थान पर अलग-अलग धार्मिक स्थल मौजूद थे, तो कार्रवाई केवल मस्जिद के खिलाफ क्यों की गई। उनके मुताबिक धार्मिक स्थलों से जुड़े मामलों में प्रशासन को समान मानदंड अपनाने चाहिए। योगी सरकार को लेकर ओवैसी की चेतावनी सहारनपुर मामले पर बोलते हुए ओवैसी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर भी सीधा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार न्यायिक प्रक्रिया का सामना करने के बजाय जल्दबाजी में कार्रवाई कर रही है। ओवैसी ने कहा कि इस तरह की कार्रवाई का असर आगे देखने को मिलेगा और सरकार को इसका खामियाजा भुगतना पड़ सकता है। उन्होंने संविधान के अनुच्छेद 25 का जिक्र करते हुए धार्मिक स्वतंत्रता के अधिकार को महत्वपूर्ण बताया। हालांकि, मस्जिद की जमीन, पंजीकरण और प्रशासनिक कार्रवाई से जुड़े ओवैसी के दावों की कानूनी स्थिति का अंतिम निर्धारण संबंधित न्यायिक प्रक्रिया और आधिकारिक रिकॉर्ड के आधार पर ही होगा। UCC पर भी भाजपा सरकार को घेरा जयपुर में मीडिया से बातचीत के दौरान ओवैसी ने उत्तराखंड के यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) को लेकर भी अपनी आपत्ति जाहिर की। उन्होंने आरोप लगाया कि UCC में ऐसे प्रावधान शामिल किए गए हैं जो एक विशेष धार्मिक कानून की व्यवस्था से काफी मिलते-जुलते हैं। ओवैसी ने सवाल किया कि भारत जैसे विविधतापूर्ण देश में अलग-अलग समुदायों की सामाजिक और धार्मिक परिस्थितियों को ध्यान में रखे बिना समान कानून लागू करना कितना उचित है। उन्होंने विशेष रूप से शादी, तलाक और संपत्ति जैसे मुद्दों का जिक्र करते हुए कहा कि कानून बनाते समय सभी समुदायों के अधिकारों और संवैधानिक संरक्षण को ध्यान में रखा जाना चाहिए। AIMIM छोड़कर कांग्रेस में गए असीम वकार पर भी बोले AIMIM से अलग होकर कांग्रेस में शामिल हुए असीम वकार के आरोपों पर भी ओवैसी ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों में लोगों का आना-जाना लगा रहता है, लेकिन पार्टी अपनी जगह कायम रहती है। ओवैसी ने तंज कसते हुए कहा कि अब असीम वकार कांग्रेस में हैं और उन्हें उम्मीद है कि कांग्रेस के लोग उनका ध्यान रखेंगे। राजस्थान निकाय चुनाव में AIMIM के प्रचार पर फोकस जयपुर दौरे का मुख्य उद्देश्य राजस्थान के नगर निकाय चुनावों में AIMIM उम्मीदवारों के लिए प्रचार करना था। ओवैसी ने पार्टी प्रत्याशियों के पक्ष में जनता से समर्थन की अपील की। उन्होंने कहा कि पार्टी राजस्थान में स्थानीय स्तर पर अपनी राजनीतिक मौजूदगी मजबूत करना चाहती है। उनके मुताबिक AIMIM का उद्देश्य वार्ड स्तर पर ऐसे स्थानीय नेतृत्व को आगे बढ़ाना है, जो क्षेत्र के विकास से जुड़े मुद्दों को मजबूती से उठा सके। ओवैसी ने यह भी कहा कि उनकी पार्टी के उम्मीदवारों को आधिकारिक चुनाव चिन्ह से संबंधित दिक्कतों का सामना करना पड़ा और इस मुद्दे को लेकर हाई कोर्ट का रुख भी किया गया था। इसके बावजूद पार्टी कार्यकर्ताओं और उम्मीदवारों के चुनाव मैदान में मजबूती से डटे रहने का दावा उन्होंने किया। जयपुर से निकला सियासी संदेश ओवैसी का जयपुर दौरा ऐसे समय हुआ है जब राजस्थान में स्थानीय निकाय चुनावों को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हैं। सहारनपुर मस्जिद विवाद, UCC और AIMIM की राजस्थान में राजनीतिक जमीन मजबूत करने की कोशिशों को लेकर उनके बयान ने चुनावी माहौल में एक नया राजनीतिक मुद्दा जोड़ दिया है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि AIMIM के उम्मीदवार स्थानीय चुनावों में कितना प्रभाव छोड़ते हैं और ओवैसी के इस अभियान का राजस्थान की स्थानीय राजनीति पर कितना असर पड़ता है।