Stock Market Today: शुरुआती बढ़त के बाद फिसला बाजार, सेंसेक्स-निफ्टी में उतार-चढ़ाव; कच्चा तेल बना चिंता
मुंबई: भारतीय शेयर बाजार ने शुक्रवार, 21 अगस्त 2026 को सकारात्मक शुरुआत की, लेकिन शुरुआती बढ़त ज्यादा देर कायम नहीं रह सकी। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों शुरुआती कारोबार में ऊपर जाने के बाद दबाव में आ गए। मध्य-पूर्व में जारी तनाव, 90 डॉलर से ऊपर कच्चे तेल की कीमत और वैश्विक बॉन्ड यील्ड में मजबूती ने निवेशकों को सतर्क रखा।
गुरुवार को सात कारोबारी सत्रों की गिरावट का सिलसिला टूटने के बाद शुक्रवार को बाजार में शुरुआत में खरीदारी देखने को मिली। गुरुवार को सेंसेक्स 628 अंक चढ़कर 77,537.72 और निफ्टी 50 बढ़कर 24,231.85 पर बंद हुआ था।
सेंसेक्स-निफ्टी की शुरुआत कैसी रही?
शुक्रवार के प्री-ओपन कारोबार में निफ्टी 50 करीब 24,284 और सेंसेक्स करीब 77,701 के स्तर पर पहुंचा। दोनों प्रमुख सूचकांकों में लगभग 0.2 फीसदी की शुरुआती बढ़त दर्ज हुई।
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हालांकि, बाजार खुलने के बाद तेजी कमजोर पड़ गई और दोनों इंडेक्स में उतार-चढ़ाव शुरू हो गया। रिपोर्टों के मुताबिक शुरुआती तेजी के बाद निवेशकों की सतर्कता बढ़ी और बाजार लाल निशान की ओर भी गया।
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इंडेक्स |
गुरुवार क्लोज |
शुक्रवार शुरुआती स्तर |
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Sensex |
77,537.72 |
करीब 77,701 |
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Nifty 50 |
24,231.85 |
करीब 24,284 |
बाजार पर सबसे बड़ा दबाव कच्चे तेल का
शेयर बाजार के लिए इस समय सबसे बड़ी चिंता कच्चे तेल की कीमत बनी हुई है। मध्य-पूर्व में तनाव के कारण ब्रेंट क्रूड करीब $93-94 प्रति बैरल के आसपास बना हुआ है। महंगा तेल भारत के लिए चिंता का विषय है क्योंकि इससे आयात बिल और महंगाई पर दबाव बढ़ सकता है।
तेल की कीमतों में तेजी का असर कंपनियों की लागत और मुनाफे पर भी पड़ सकता है। यही वजह है कि बाजार में तेजी के बावजूद निवेशक आक्रामक खरीदारी से बचते नजर आ रहे हैं।
ग्लोबल मार्केट से मिले कमजोर संकेत
अमेरिकी बाजारों में पिछले सत्र में गिरावट देखने को मिली। डाउ जोंस करीब 1.3 फीसदी और S&P 500 करीब 0.9 फीसदी नीचे रहा, जबकि अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में भी मजबूती बनी रही। एशियाई बाजारों में भी शुक्रवार को मिला-जुला कारोबार रहा।
इन संकेतों का असर भारतीय बाजार की धारणा पर पड़ा है। घरेलू बाजार में गुरुवार की तेज रिकवरी के बाद शुक्रवार को निवेशक मुनाफावसूली और वैश्विक जोखिमों के बीच संतुलन बनाते दिखे।
रुपया 95.70 के आसपास स्थिर
डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया शुक्रवार को करीब ₹95.70 प्रति डॉलर के आसपास स्थिर रहा। हालांकि महंगा कच्चा तेल और डॉलर की मांग रुपये पर दबाव बनाए हुए हैं।
विशेषज्ञों के मुताबिक भारतीय रिजर्व बैंक के हस्तक्षेप से रुपये को फिलहाल सहारा मिल रहा है, लेकिन तेल की ऊंची कीमतें आगे भी मुद्रा बाजार के लिए चुनौती बनी रह सकती हैं।
निफ्टी के लिए 24,300-24,400 अहम स्तर
तकनीकी तौर पर भी निवेशकों की नजर 24,300-24,400 के क्षेत्र पर बनी हुई है। बाजार विश्लेषण के अनुसार निफ्टी को इस स्तर के ऊपर मजबूती से टिकना जरूरी होगा, जबकि 24,150 के आसपास तत्काल सपोर्ट माना जा रहा है।
अगर निफ्टी 24,300-24,400 के ऊपर टिकता है तो आगे 24,500 की तरफ बढ़ने की संभावना बन सकती है। वहीं कमजोरी आने पर 24,150 और उसके बाद 24,000 के स्तर महत्वपूर्ण रहेंगे।
निवेशकों की नजर इन संकेतों पर
आज के कारोबार में बाजार की दिशा मुख्य रूप से इन फैक्टर्स से तय हो सकती है:
- कच्चे तेल की कीमत और मध्य-पूर्व का तनाव
- अमेरिकी बॉन्ड यील्ड
- विदेशी निवेशकों की खरीद-बिक्री
- रुपये की चाल
- एशियाई और अमेरिकी बाजारों के संकेत
- निफ्टी का 24,300-24,400 जोन के ऊपर टिकना
कुल मिलाकर, गुरुवार की जोरदार रिकवरी के बाद शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार में शुरुआत तो सकारात्मक रही, लेकिन वैश्विक जोखिमों ने तेजी पर ब्रेक लगा दिया। ऐसे में बाजार में आज वोलैटिलिटी और सेक्टर आधारित उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।

Diya



