दिल्ली लक्ष्मी योजना पर केजरीवाल का तंज, तीन बच्चों की शर्त को लेकर रेखा गुप्ता सरकार से पूछा बड़ा सवाल नई दिल्ली: दिल्ली सरकार की महत्वाकांक्षी 'दिल्ली लक्ष्मी योजना' को कैबिनेट की मंजूरी मिलने के बाद अब यह राजनीतिक बहस का विषय बन गई है। योजना के तहत पात्र महिलाओं को हर महीने ₹2,500 की आर्थिक सहायता दी जाएगी। सरकार 1 अगस्त से ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू करने जा रही है और रक्षाबंधन के अवसर पर पहली किस्त जारी करने का लक्ष्य रखा गया है। हालांकि, योजना में शामिल पात्रता शर्तों को लेकर विपक्ष ने सवाल उठाए हैं। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया पर योजना की उस शर्त पर निशाना साधा, जिसमें तीन से अधिक जीवित बच्चों वाली महिलाओं को योजना से बाहर रखा गया है। केजरीवाल ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि एक ओर कुछ सार्वजनिक बयानों में अधिक बच्चे पैदा करने की बात कही जाती है, जबकि दूसरी ओर सरकारी योजना में तीन से ज्यादा बच्चों वाली महिलाओं को लाभ से वंचित किया जा रहा है। उन्होंने इस मुद्दे पर सरकार से स्पष्ट रुख अपनाने की मांग की। योजना में क्या मिलेगा? दिल्ली सरकार के अनुसार, योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं को वित्तीय सहायता प्रदान करना है। पात्र महिलाओं को हर महीने ₹2,500 की राशि सीधे बैंक खाते में भेजी जाएगी। सरकार ने भुगतान के लिए DBT, डिजिटल रुपया (CBDC) तथा अन्य स्वीकृत वित्तीय माध्यमों का विकल्प भी रखा है। किन महिलाओं को नहीं मिलेगा लाभ? सरकार द्वारा जारी पात्रता नियमों के अनुसार निम्न श्रेणी की महिलाएं योजना का लाभ नहीं उठा सकेंगी— जो पहले से किसी अन्य सरकारी आर्थिक सहायता या पेंशन योजना का लाभ ले रही हैं। आयकरदाता या GST रिटर्न दाखिल करने वाले परिवारों की महिलाएं। सरकारी कर्मचारी या सरकारी उपक्रम में कार्यरत परिवारों की महिलाएं। जिन परिवारों की वार्षिक बिजली खपत निर्धारित सीमा से अधिक है। चार पहिया वाहन रखने वाले परिवार। तीन से अधिक जीवित बच्चों की माताएं। आपराधिक मामलों में दोषसिद्ध महिलाओं को भी योजना से बाहर रखा गया है। राजनीतिक बहस तेज योजना लागू होने से पहले ही इसके पात्रता नियमों पर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। विपक्ष इसे महिलाओं के साथ भेदभाव बताकर सवाल उठा रहा है, जबकि सरकार का कहना है कि योजना पारदर्शी और लक्षित लाभार्थियों तक सहायता पहुंचाने के उद्देश्य से तैयार की गई है। आने वाले दिनों में योजना के आवेदन शुरू होने के साथ इस मुद्दे पर राजनीतिक बहस और तेज होने की संभावना है।