पुष्कर में ₹418.70 करोड़ की मेगा विकास योजना: ब्रह्मा मंदिर कॉरिडोर, 52 घाटों का विकास और हेरिटेज ट्राम

राजस्थान के पुष्कर में ₹418.70 करोड़ की मेगा विकास योजना के तहत ब्रह्मा मंदिर कॉरिडोर, 52 घाटों का सौंदर्यीकरण, 16 मंदिरों का जीर्णोद्धार, हेरिटेज ट्राम, म्यूजियम और आधुनिक पर्यटन

पुष्कर का बदलेगा स्वरूप: ₹418.70 करोड़ की मेगा विकास योजना को मिली रफ्तार, ब्रह्मा मंदिर कॉरिडोर से लेकर हेरिटेज ट्राम तक होंगे बड़े बदलाव

अजमेर/पुष्कर। राजस्थान के विश्व प्रसिद्ध तीर्थस्थल पुष्कर को धार्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन के वैश्विक केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। करीब ₹418.70 करोड़ की व्यापक विकास योजना के तहत शहर में धार्मिक स्थलों के संरक्षण, आधुनिक सुविधाओं के विस्तार और पर्यटन अवसंरचना को मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण परियोजनाएं प्रस्तावित की गई हैं।

इस महत्वाकांक्षी योजना का उद्देश्य केवल शहर का सौंदर्यीकरण करना नहीं, बल्कि श्रद्धालुओं और पर्यटकों को विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराते हुए पुष्कर की ऐतिहासिक और आध्यात्मिक विरासत को संरक्षित रखना भी है।

ब्रह्मा मंदिर कॉरिडोर बनेगा मुख्य आकर्षण

विकास योजना का सबसे प्रमुख हिस्सा ब्रह्मा मंदिर कॉरिडोर होगा। दुनिया के चुनिंदा ब्रह्मा मंदिरों में शामिल इस ऐतिहासिक मंदिर परिसर को अधिक सुव्यवस्थित और आकर्षक बनाया जाएगा। कॉरिडोर के निर्माण से श्रद्धालुओं की आवाजाही आसान होगी और मंदिर क्षेत्र में सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा।

इसके साथ ही पुष्कर परिक्रमा मार्ग को भी आधुनिक स्वरूप देने की योजना बनाई गई है, जिससे धार्मिक यात्रियों को बेहतर अनुभव मिल सके।

52 घाटों का होगा व्यापक सौंदर्यीकरण

पवित्र पुष्कर सरोवर के आसपास स्थित 52 घाटों के संरक्षण और सौंदर्यीकरण पर लगभग ₹87.50 करोड़ खर्च किए जाएंगे। योजना के तहत घाटों की मूल संरचना को सुरक्षित रखते हुए स्वच्छता, प्रकाश व्यवस्था, बैठने की सुविधा और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को बेहतर बनाया जाएगा।

इससे धार्मिक अनुष्ठानों के साथ-साथ पर्यटन गतिविधियों को भी नई गति मिलने की उम्मीद है।

16 प्राचीन मंदिरों का होगा संरक्षण

परियोजना में लगभग ₹11.20 करोड़ की लागत से 16 ऐतिहासिक मंदिरों का जीर्णोद्धार किया जाएगा। इनमें ब्रह्मा मंदिर, वराह मंदिर, नीलकंठ महादेव मंदिर और बावन भैरव मंदिर सहित कई प्रमुख धार्मिक स्थल शामिल हैं।

संरक्षण कार्य के दौरान मंदिरों की मूल वास्तुकला और ऐतिहासिक पहचान को सुरक्षित रखने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

श्रद्धालुओं और पर्यटकों को मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं

शहर में आने वाले श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए एंट्री प्लाजा, पार्किंग, बस स्टॉप और ट्राम स्टेशन जैसी आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इन कार्यों पर लगभग ₹33.95 करोड़ खर्च किए जाने का प्रस्ताव है।

इसके अलावा ट्रैफिक प्रबंधन को बेहतर बनाने और मेलों व त्योहारों के दौरान भीड़ नियंत्रण के लिए नई व्यवस्थाएं भी विकसित की जाएंगी।

हेरिटेज ट्राम, म्यूजियम और लाइट एंड साउंड शो बनेंगे आकर्षण

पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शहर में हेरिटेज ट्राम सेवा, आधुनिक संग्रहालय (म्यूजियम) और लाइट एंड साउंड शो शुरू करने की भी योजना है।

संगीतमय फव्वारों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से शाम के समय पर्यटकों को नया अनुभव देने की तैयारी की जा रही है, जिससे पुष्कर का पर्यटन और अधिक आकर्षक बन सके।

लेक फ्रंट विकास और स्वच्छता पर विशेष जोर

योजना के तहत पुष्कर सरोवर के आसपास लेक फ्रंट डेवलपमेंट किया जाएगा। साथ ही सीवरेज नेटवर्क, ठोस कचरा प्रबंधन और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े कार्यों को भी प्राथमिकता दी जाएगी ताकि धार्मिक नगरी की स्वच्छता और प्राकृतिक सौंदर्य लंबे समय तक सुरक्षित रह सके।

जल्द शुरू हो सकते हैं विकास कार्य

राज्य सरकार के अनुसार परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार की जा चुकी है। विभिन्न विभागों और विशेषज्ञों के सुझावों को शामिल करने के बाद अब विकास कार्यों को चरणबद्ध तरीके से शुरू करने की तैयारी की जा रही है।

परियोजना पूरी होने के बाद पुष्कर न केवल धार्मिक आस्था का प्रमुख केंद्र रहेगा, बल्कि आधुनिक सुविधाओं और सांस्कृतिक पर्यटन के क्षेत्र में भी नई पहचान स्थापित कर सकता है।


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