ज्ञानेश कुमार नहीं हटे तो PM मोदी के इस्तीफे की मांग करेंगे: अभिजीत दिपके
मुंबई: मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर मुंबई के शिवाजी पार्क में हुए कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन के दौरान पार्टी संस्थापक अभिजीत दिपके ने केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा। दिपके ने कहा कि यदि ज्ञानेश कुमार अपने पद से नहीं हटते हैं, तो CJP आगे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस्तीफे की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर दोबारा आंदोलन करेगी।
'ज्ञानेश कुमार मस्ट गो' का नारा
शिवाजी पार्क में आयोजित प्रदर्शन में दिपके ने 'Gyanesh Kumar Must Go' और 'Go Gyanu Go' जैसे नारे लगाए। उन्होंने आरोप लगाया कि विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं।
दिपके ने दावा किया कि पिछले दो वर्षों में करीब 13 करोड़ मतदाताओं के नाम वोटर रोल से हटाए गए। यह आंकड़ा CJP का दावा है और मतदाता सूची में बदलाव की प्रक्रिया को लेकर अलग-अलग पक्षों के बीच राजनीतिक विवाद जारी है।
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दिपके ने PM मोदी पर भी लगाए आरोप
CJP संस्थापक ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी की रणनीति 'एक देश, एक चुनाव' से आगे बढ़कर 'एक देश, एक पार्टी' की दिशा में जा रही है। उन्होंने चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची में कथित बदलावों को लेकर केंद्र सरकार पर सवाल उठाए।
दिपके ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर इस कथित रणनीति के पीछे होने का आरोप लगाया। हालांकि, ये दिपके और CJP के राजनीतिक आरोप हैं, जिन्हें स्वतंत्र रूप से स्थापित तथ्य के रूप में नहीं देखा जा सकता।
'जंतर-मंतर 2.0' की चेतावनी
दिपके ने कहा कि अगर ज्ञानेश कुमार पद से नहीं हटते हैं तो CJP दोबारा दिल्ली के जंतर-मंतर पर बड़ा आंदोलन करेगी। उन्होंने इसे 'Jantar Mantar 2.0' नाम दिया और कहा कि इस आंदोलन में प्रधानमंत्री के इस्तीफे की मांग भी शामिल होगी।
CJP ने पहले भी घोषणा की थी कि 2 अक्टूबर से मुंबई से शुरू होने वाला आंदोलन देश के दूसरे शहरों तक ले जाया जाएगा। संगठन ने SIR और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों पर चुनाव आयोग से जवाबदेही और पारदर्शिता की मांग की है।
BJP और चुनावी प्रक्रिया पर गंभीर आरोप
प्रदर्शन के दौरान दिपके ने भाजपा पर विपक्षी दलों और क्षेत्रीय राजनीतिक संगठनों को कमजोर करने के आरोप भी लगाए। उन्होंने महाराष्ट्र में शिवसेना और NCP से जुड़े राजनीतिक घटनाक्रम का जिक्र करते हुए भाजपा की रणनीति पर सवाल उठाए।
उन्होंने 2024 के लोकसभा चुनावों और उसके बाद विभिन्न राज्यों की चुनावी राजनीति को लेकर भी कई दावे किए। इनमें विपक्षी नेताओं के निर्वाचन क्षेत्रों में मतदाता नामों को हटाए जाने से लेकर चुनावी नतीजों को प्रभावित करने के आरोप शामिल हैं। इन दावों को लेकर स्वतंत्र पुष्टि और संबंधित संस्थाओं का पक्ष अलग से देखना जरूरी है।
'हिंदू-मुस्लिम मुद्दे से ऊपर उठकर भारतीय बनें'
अपने भाषण में दिपके ने लोगों से हिंदू-मुस्लिम मतभेदों से ऊपर उठकर एकजुट होने की अपील भी की। उन्होंने कहा कि लोग किसी भी राजनीतिक दल का समर्थन कर सकते हैं, लेकिन लोकतांत्रिक अधिकारों और नागरिकों के मताधिकार से जुड़े मुद्दों पर एक साथ आवाज उठाना जरूरी है।
शिवाजी पार्क में बड़ी संख्या में जुटे प्रदर्शनकारी
2 अक्टूबर को मुंबई के शिवाजी पार्क में CJP के प्रदर्शन में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग वाले पोस्टर और तख्तियां लेकर नारे लगाए। कार्यक्रम में सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और म्यूजिकल एक्ट भी हुए। रिपोर्टों के अनुसार, अभिनेता नसीरुद्दीन शाह, शबाना आजमी और संगीतकार विशाल ददलानी समेत कुछ सार्वजनिक हस्तियां भी कार्यक्रम में मौजूद थीं।
वहीं, निर्वाचन आयोग और सरकार की ओर से SIR तथा मतदाता सूची से जुड़े आरोपों पर अपना पक्ष रखा गया है। इसलिए पूरे विवाद में CJP के आरोपों के साथ आयोग के आधिकारिक जवाब और उपलब्ध चुनावी आंकड़ों को भी देखना महत्वपूर्ण है।
अब CJP की अगली रणनीति जंतर-मंतर पर प्रस्तावित 'Jantar Mantar 2.0' आंदोलन को लेकर है, जिसमें दिपके ने ज्ञानेश कुमार के साथ-साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस्तीफे की मांग उठाने की चेतावनी दी है।

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