ईरान ने अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर दागीं बैलिस्टिक मिसाइलें, सभी हमले नाकाम; पश्चिम एशिया में फिर बढ़ा तनाव International News: पश्चिम एशिया में एक बार फिर तनाव बढ़ गया है। ईरान ने मंगलवार को क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाते हुए कई बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। हालांकि अमेरिकी सेना का दावा है कि उसकी एयर डिफेंस प्रणाली ने सभी मिसाइलों को रास्ते में ही इंटरसेप्ट कर दिया, जिससे किसी बड़े नुकसान की सूचना नहीं है। अमेरिकी सेना का दावा- सभी मिसाइलें हवा में नष्ट अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, यह हमला ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की ओर से किया गया। सैन्य अधिकारियों का कहना है कि सभी मिसाइलों को समय रहते निष्क्रिय कर दिया गया और अमेरिकी ठिकाने सुरक्षित रहे। CENTCOM ने इसे अमेरिकी सैन्य बलों पर अचानक हमला करने की कोशिश बताया है। जॉर्डन स्थित अमेरिकी बेस भी बना निशाना रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान ने जॉर्डन में मौजूद अमेरिकी सैन्य अड्डे की ओर भी बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। इसे हाल के महीनों में अमेरिकी ठिकानों पर सबसे गंभीर हमलों में से एक माना जा रहा है। घटना के बाद क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था और सतर्कता बढ़ा दी गई है। खाड़ी देशों ने की हमले की निंदा हमले के बाद कुवैत और कतर सहित कई खाड़ी देशों ने जॉर्डन की संप्रभुता का समर्थन करते हुए ईरानी कार्रवाई की आलोचना की। दोनों देशों ने कहा कि किसी भी देश की क्षेत्रीय अखंडता पर हमला क्षेत्र की शांति और स्थिरता के लिए गंभीर खतरा है। ट्रंप की चेतावनी के बाद बढ़ा तनाव यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को परमाणु समझौते और क्षेत्रीय सुरक्षा मुद्दों पर कड़ा संदेश दिया था। उन्होंने चेतावनी दी थी कि यदि तेहरान किसी समझौते पर सहमत नहीं होता, तो अमेरिका दोबारा सैन्य कार्रवाई कर सकता है। विश्लेषकों का मानना है कि हालिया मिसाइल हमला दोनों देशों के बीच तनाव को और बढ़ा सकता है तथा पश्चिम एशिया की सुरक्षा स्थिति पर इसका व्यापक असर पड़ सकता है।