उद्धव ठाकरे का बीजेपी पर तीखा हमला, परिवारवाद और परिसीमन को लेकर केंद्र सरकार पर साधा निशाना
मुंबई: शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने मुंबई में आयोजित एक पुस्तक विमोचन कार्यक्रम के दौरान केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी पर कई मुद्दों को लेकर तीखा हमला बोला। अपने संबोधन में उन्होंने परिसीमन, संविधान, हिंदुत्व और परिवारवाद जैसे विषयों पर सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए राजनीतिक टिप्पणी की।
उद्धव ठाकरे ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार राजनीतिक समीकरण बदलने के लिए विपक्षी दलों को कमजोर करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं और संविधान की मूल भावना को बनाए रखना सभी राजनीतिक दलों की जिम्मेदारी है।
परिवारवाद के आरोपों पर दिया जवाब
अपने भाषण के दौरान उद्धव ठाकरे ने परिवारवाद को लेकर विपक्ष द्वारा लगाए जाने वाले आरोपों का भी जवाब दिया। उन्होंने कहा कि उनका परिवार कई दशकों से सार्वजनिक जीवन और समाज के बीच सक्रिय रहा है तथा उन्हें अपनी राजनीतिक विरासत पर गर्व है। ठाकरे ने कहा कि राजनीतिक विरासत और सार्वजनिक जवाबदेही को केवल परिवारवाद के नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए।
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केंद्र सरकार पर साधा निशाना
बीजेपी पर हमला बोलते हुए उद्धव ठाकरे ने कहा कि सत्ता हासिल करने के लिए धार्मिक और भावनात्मक मुद्दों का इस्तेमाल नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि जनता के विश्वास और लोकतांत्रिक मूल्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता मिलनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार को विपक्ष की आवाज़ सुननी चाहिए और लोकतांत्रिक संवाद को मजबूत करना चाहिए।
प्रधानमंत्री के पुराने बयान का किया जिक्र
अपने संबोधन में ठाकरे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पुराने बयान का उल्लेख करते हुए तंज कसा और कहा कि देश की राजनीति में व्यक्तियों से अधिक महत्वपूर्ण लोकतांत्रिक संस्थाएं और जनता का विश्वास होता है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों को जवाबदेही और पारदर्शिता के साथ काम करना चाहिए।
कार्यक्रम के दौरान उद्धव ठाकरे का पूरा भाषण केंद्र सरकार की नीतियों की आलोचना और अपनी पार्टी के राजनीतिक रुख को स्पष्ट करने पर केंद्रित रहा। उनके बयान के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर सियासी बयानबाजी तेज होने की संभावना है।

News Desk




