काठमांडू। नेपाल के मधेस प्रांत में सुरक्षा स्थिति बिगड़ने के बाद प्रशासन ने धनुषा और सिराहा जिलों के कई संवेदनशील क्षेत्रों में अनिश्चितकालीन कर्फ्यू लागू कर दिया है। यह फैसला हाल ही में कोशी प्रांत के भारत-नेपाल सीमा से सटे सुनसरी जिले में हुई सांप्रदायिक हिंसा के बाद एहतियात के तौर पर लिया गया है। प्रशासन के अनुसार, धनुषा जिले के लक्ष्मीनिया हाटबाजार, बेलौनी रोड, नगराइन नगरपालिका, दूधमती पुल और जनकपुर सहित कई इलाकों में दोपहर से कर्फ्यू लागू कर दिया गया है। वहीं सिराहा जिले के गोलबाजार क्षेत्र में भी अगले आदेश तक लोगों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई है। सुनसरी हिंसा के बाद बढ़ी सतर्कता कुछ दिन पहले सुनसरी जिले के कप्तानगंज इलाके में दो धार्मिक समुदायों के कार्यक्रम के दौरान विवाद हिंसक झड़प में बदल गया था। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को कार्रवाई करनी पड़ी, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि सुरक्षाकर्मियों सहित कई लोग घायल हुए थे। हिंसा के बाद प्रशासन ने सुनसरी में पहले से लागू कर्फ्यू को और विस्तारित कर दिया है तथा सुरक्षा बलों की अतिरिक्त तैनाती की गई है। कर्फ्यू के दौरान सख्त प्रतिबंध जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कर्फ्यू के दौरान किसी भी प्रकार की आवाजाही, सार्वजनिक सभा, प्रदर्शन, धरना और भीड़ जुटाने पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। संवेदनशील क्षेत्रों और सरकारी कार्यालयों की सुरक्षा भी बढ़ा दी गई है। संसद में उठा मुद्दा, सुरक्षा समीक्षा बैठक बुलाई नेपाल की संसद में भी कई सांसदों ने दक्षिण-पूर्वी नेपाल में बढ़ते तनाव को लेकर सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की। वहीं प्रधानमंत्री ने देश की सुरक्षा स्थिति की समीक्षा के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद की बैठक बुलाई है, जिसमें सुनसरी और आसपास के क्षेत्रों की स्थिति पर विशेष चर्चा की जाएगी। भारत-नेपाल सीमा पर भी नजर सुनसरी जिला भारत के बिहार से जुड़ा महत्वपूर्ण सीमावर्ती क्षेत्र है, जहां व्यापार और आवागमन लगातार होता है। ऐसे में सुरक्षा एजेंसियां सीमा क्षेत्र की गतिविधियों पर भी विशेष निगरानी रख रही हैं ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।