राहुल गांधी का अमित शाह पर हमला, छात्र कार्रवाई को लेकर सरकार से जवाब मांगा नई दिल्ली: संसद के मानसून सत्र के दौरान छात्र प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई का मुद्दा एक बार फिर गरमा गया। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने छात्रों के खिलाफ हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर केंद्र सरकार और गृह मंत्री अमित शाह पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान छात्रों के साथ बल प्रयोग किया गया और इस मामले में जवाबदेही तय होनी चाहिए। राहुल गांधी ने कहा कि उन्होंने लोकसभा में इस मुद्दे को उठाने का प्रयास किया, लेकिन उन्हें अपनी बात पूरी तरह रखने का अवसर नहीं मिला। उनका कहना था कि दिल्ली पुलिस गृह मंत्रालय के अधीन कार्य करती है, इसलिए प्रदर्शन के दौरान हुई कार्रवाई के लिए गृह मंत्रालय की जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। कांग्रेस सांसद ने दावा किया कि प्रदर्शन के दौरान छात्रों और महिलाओं के साथ कठोर व्यवहार किया गया। उन्होंने कहा कि यदि पुलिस कार्रवाई उच्च स्तर के निर्देशों पर हुई है तो इसकी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए, और यदि ऐसा नहीं है तो संबंधित एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं। राहुल गांधी ने यह भी कहा कि जिन छात्रों के साथ कथित रूप से बल प्रयोग हुआ है, उन्हें न्याय मिलना चाहिए। उन्होंने निष्पक्ष जांच और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में शांतिपूर्ण विरोध करने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है। वहीं, सरकार की ओर से संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने राहुल गांधी के आरोपों का विरोध किया। उन्होंने कहा कि सदन में बिना प्रमाण गंभीर आरोप लगाना उचित नहीं है और इसे संसदीय परंपराओं के विपरीत बताया। उन्होंने राहुल गांधी से अपने बयान पर स्पष्टीकरण देने की भी मांग की। संसद परिसर में मीडिया से बातचीत के दौरान राहुल गांधी ने दोहराया कि छात्र प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विपक्ष की आवाज़ को दबाने के बजाय सरकार को सवालों का जवाब देना चाहिए। इस मुद्दे को लेकर संसद के भीतर और बाहर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस जहां इस मामले में जवाबदेही तय करने की मांग कर रही है, वहीं भाजपा ने विपक्ष के आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताया है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा संसद की कार्यवाही और राजनीतिक बहस का अहम विषय बना रह सकता है।