रितु बराला केस: जीरो FIR की मांग पर जयपुर पुलिस कमिश्नरेट में रातभर धरने पर बैठे कांग्रेसी, डोटासरा ने दी आंदोलन की चेतावनी
जयपुर: एनएसयूआई कार्यकर्ता रितु बराला के साथ दिल्ली में कथित मारपीट के मामले में जीरो एफआईआर दर्ज कराने की मांग को लेकर राजस्थान कांग्रेस के नेताओं ने जयपुर पुलिस कमिश्नरेट में रातभर धरना दिया। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने आरोप लगाया कि शिकायत दर्ज कराने के लिए पुलिस अधिकारियों से संपर्क करने के बावजूद कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने चेतावनी दी कि पार्टी इस मुद्दे पर अपना विरोध जारी रखेगी।
कांग्रेस नेताओं की मुख्य मांग है कि दिल्ली में हुई कथित मारपीट के मामले में जयपुर में जीरो एफआईआर दर्ज की जाए, ताकि शिकायत पर कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ सके।
रितु बराला के साथ दिल्ली में मारपीट का आरोप
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के अनुसार, दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान एनएसयूआई कार्यकर्ता रितु बराला के साथ महिला पुलिस कांस्टेबल चंचल यादव ने मारपीट की। डोटासरा ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस स्टेशन ले जाने के बाद भी उनके साथ मारपीट हुई।
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उनके मुताबिक, रितु बराला को दो दिन अस्पताल में रहने के बाद जयपुर लाया गया। इसके बाद कांग्रेस नेता सोमवार को शिकायत के आधार पर जीरो एफआईआर दर्ज कराने के लिए जयपुर के मोती डूंगरी थाने पहुंचे।
हालांकि, घटना और लगाए गए आरोपों के संबंध में संबंधित पुलिस अधिकारियों का पक्ष सामने आने पर मामले की पूरी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
मोती डूंगरी थाने से पुलिस कमिश्नरेट पहुंचे कांग्रेस नेता
डोटासरा ने दावा किया कि मोती डूंगरी थाने में एफआईआर दर्ज नहीं होने के बाद कांग्रेस नेता पुलिस कमिश्नरेट पहुंचे। वहां उन्होंने पुलिस अधिकारियों से मुलाकात कर शिकायत पर कार्रवाई की मांग की।
डोटासरा के मुताबिक, उनकी मुलाकात अतिरिक्त पुलिस आयुक्त से हुई। उन्होंने बताया कि नेताओं को कमरा नंबर 9 में बैठने के लिए कहा गया और उच्चाधिकारियों से बातचीत के बाद कार्रवाई का आश्वासन दिया गया।
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष ने आरोप लगाया कि इसके बाद वरिष्ठ अधिकारियों से संपर्क नहीं हो पाया और उनकी कॉल भी रिसीव नहीं की गईं। उन्होंने यह भी दावा किया कि मुख्यमंत्री कार्यालय के अधिकारियों से भी बात नहीं हो सकी।
रातभर धरने पर रहे कांग्रेस नेता
शिकायत पर कार्रवाई की मांग को लेकर कांग्रेस नेताओं ने पुलिस कमिश्नरेट परिसर में ही रात बिताई। देर रात तक नेताओं ने रामधुनी की और नारेबाजी कर अपना विरोध जताया।
कांग्रेस का कहना है कि मामले में जीरो एफआईआर दर्ज कर शिकायत की निष्पक्ष जांच शुरू की जानी चाहिए। पार्टी नेताओं ने संकेत दिया कि मांग पूरी नहीं होने पर आंदोलन को आगे बढ़ाया जा सकता है।
डोटासरा ने सरकार पर साधा निशाना
गोविंद सिंह डोटासरा ने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि विजयादशमी के अवसर पर रावण के साथ सरकार के अहंकार का भी दहन किया जाएगा। उन्होंने इस मामले में सरकार और पुलिस प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठाए।
फिलहाल इस प्रकरण में प्रमुख सवाल यह है कि रितु बराला की शिकायत पर जीरो एफआईआर दर्ज होती है या नहीं। घटना से जुड़े आरोपों, पुलिस की कार्रवाई और संबंधित अधिकारियों के पक्ष की आधिकारिक पुष्टि के बाद मामले की आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।
नोट: यह खबर कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष के बयानों और उपलब्ध विवरण पर आधारित है। प्रकाशित करने से पहले तारीख, शिकायत की स्थिति और दिल्ली पुलिस तथा जयपुर पुलिस का आधिकारिक पक्ष सत्यापित करें।

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