जोधपुर में रिटायर्ड अधिकारी से ₹1 लाख की साइबर ठगी, पुराने दोस्त बनकर भेजा फर्जी बैंक मैसेज

जोधपुर के बनाड़ क्षेत्र में साइबर ठगों ने पुराने दोस्त बनकर रिटायर्ड अधिकारी से ₹1 लाख की ठगी कर ली। फर्जी बैंक मैसेज और बेटी की बीमारी का बहाना बनाकर वारदात को अंजाम दिया। पढ़ें प

जोधपुर में रिटायर्ड अधिकारी से ₹1 लाख की साइबर ठगी, पुराने दोस्त बनकर भेजा फर्जी बैंक मैसेज

Jodhpur

जोधपुर में साइबर ठगी का नया तरीका: पुराने दोस्त बनकर रिटायर्ड अधिकारी से ₹1 लाख की ठगी, फर्जी बैंक मैसेज भेजकर लगाया चूना

जोधपुर। शहर में साइबर अपराधियों ने ठगी का नया तरीका अपनाते हुए एक सेवानिवृत्त सरकारी अधिकारी को अपना शिकार बना लिया। ठग ने खुद को पीड़ित का पुराना परिचित बताकर भावनात्मक कहानी सुनाई और फर्जी बैंक ट्रांजैक्शन मैसेज के जरिए ₹1 लाख की ठगी को अंजाम दिया। घटना के बाद पीड़ित ने साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर पुलिस मामले की जांच कर रही है।

पुराने दोस्त बनकर किया फोन

बनाड़ थाना क्षेत्र के सारण नगर सी रोड निवासी 65 वर्षीय जयराम राठौड़, जो अकाउंट ऑफिसर के पद से सेवानिवृत्त हैं, को 24 जुलाई को एक अनजान नंबर से कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को उनका पुराना मित्र बताया और विश्वास जीतने की कोशिश की।

आरोपी ने कहा कि उसकी बेटी जयपुर के एक अस्पताल में भर्ती है और आपात स्थिति के कारण उसे तुरंत पैसों की जरूरत है।

फर्जी बैंक मैसेज भेजकर किया गुमराह

ठग ने दावा किया कि उसके बैंक खाते से डॉक्टर को भुगतान नहीं हो पा रहा है, इसलिए वह पहले पीड़ित के खाते में राशि भेज रहा है। कुछ ही देर बाद उसने जयराम राठौड़ के मोबाइल पर ₹1 लाख जमा होने का फर्जी मैसेज भेज दिया।

मैसेज पर भरोसा कर पीड़ित ने बिना बैंक बैलेंस की पुष्टि किए आरोपी द्वारा बताए गए खाते में ₹1,00,000 ट्रांसफर कर दिए।

ठगी का एहसास होते ही दर्ज कराई शिकायत

बाद में बैंक खाते की जांच करने पर पता चला कि खाते में कोई राशि आई ही नहीं थी। इसके बाद पीड़ित ने तुरंत 1930 साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई।

शिकायत के आधार पर जीरो एफआईआर दर्ज की गई, जिसे साइबर पोर्टल के माध्यम से बनाड़ थाना भेजा गया। पुलिस अब बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और डिजिटल ट्रांजैक्शन की जांच कर आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।

पुलिस ने लोगों को किया सतर्क

बनाड़ थाना पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी व्यक्ति द्वारा भेजे गए बैंक मैसेज या भुगतान की जानकारी पर बिना सत्यापन के भरोसा करें। यदि कोई परिचित बनकर पैसों की मांग करे, तो पहले उसकी पहचान और बैंक खाते में वास्तविक राशि आने की पुष्टि अवश्य करें।

पुलिस ने कहा कि साइबर अपराधी अब भावनात्मक कहानियों और फर्जी डिजिटल ट्रांजैक्शन का सहारा लेकर लोगों, विशेषकर बुजुर्गों को निशाना बना रहे हैं। ऐसी किसी भी संदिग्ध कॉल या मैसेज की जानकारी तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 या नजदीकी पुलिस थाने को दें।

कैसे बचें ऐसी साइबर ठगी से?

  • बैंक खाते में राशि आने की पुष्टि किए बिना कभी पैसे ट्रांसफर करें।
  • केवल SMS पर भरोसा करें, बैंक ऐप या पासबुक से बैलेंस जांचें।
  • किसी परिचित के नाम से कॉल आने पर उसकी पहचान दूसरे माध्यम से सत्यापित करें।
  • संदिग्ध कॉल, लिंक या मैसेज मिलने पर तुरंत 1930 पर शिकायत दर्ज करें।

 


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