BRICS Summit 2026: भारत मंडपम में गाला डिनर, पीएम मोदी ने विदेशी मेहमानों की मेजबानी की
नई दिल्ली में चल रहे 18वें BRICS Summit 2026 के पहले दिन भारत मंडपम में शनिवार शाम भव्य गाला डिनर का आयोजन किया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने BRICS सदस्य देशों के नेताओं और अन्य अंतरराष्ट्रीय मेहमानों के सम्मान में इस विशेष डिनर की मेजबानी की।
दो दिवसीय शिखर सम्मेलन के पहले दिन BRICS नेताओं की अहम बैठकों के बाद शाम को गाला डिनर हुआ। कार्यक्रम का आयोजन भारत मंडपम के लेवल-3 पर किया गया।
भारत मंडपम में जुटे दुनिया के बड़े नेता
भारत की अध्यक्षता में हो रहे इस सम्मेलन में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान, दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा समेत कई देशों के प्रमुख और प्रतिनिधि दिल्ली पहुंचे हैं।
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BRICS के विस्तार के बाद समूह में अब 11 सदस्य देश हैं। इनमें भारत, चीन, रूस, ब्राजील, दक्षिण अफ्रीका, मिस्र, इथियोपिया, इंडोनेशिया, ईरान, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात शामिल हैं।
इसके अलावा पार्टनर देशों और आमंत्रित देशों के प्रतिनिधि भी सम्मेलन से जुड़े कार्यक्रमों में हिस्सा ले रहे हैं।
गाला डिनर में दिखी भारतीय मेजबानी की झलक
BRICS नेताओं के लिए आयोजित डिनर में भारतीय खान-पान और संस्कृति को भी खास जगह दी गई। रिपोर्ट के मुताबिक मेन्यू में गुच्छी मार्मिक, मिलेट पुलाव और खुम्ब गलौटी जैसे व्यंजन शामिल रहे।
डिनर के दौरान ‘BRICS Symphony’ नाम से विशेष सांस्कृतिक प्रस्तुति भी हुई। इस आयोजन के जरिए भारत ने अपनी पारंपरिक खान-पान की विविधता और सांस्कृतिक विरासत को अंतरराष्ट्रीय मेहमानों के सामने पेश किया।
पहले दिन क्या-क्या हुआ?
BRICS Summit के पहले दिन सदस्य देशों के नेताओं के भारत मंडपम पहुंचने के बाद बंद कमरे में महत्वपूर्ण बैठक हुई। इसका फोकस समावेशी वैश्विक शासन और बहुपक्षीय व्यवस्था को मजबूत करने पर रहा।
इसके बाद नेताओं ने ‘भारत इनोवेट्स’ प्रदर्शनी का दौरा किया। कार्यक्रम में ग्रुप फोटो और संयुक्त वृक्षारोपण भी शामिल रहा। शाम को प्रधानमंत्री मोदी की मेजबानी में गाला डिनर के साथ पहले दिन के प्रमुख कार्यक्रमों का समापन हुआ।
मोदी और शी जिनपिंग की अहम मुलाकात
BRICS सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच भी मुलाकात हुई। दोनों नेताओं ने भारत-चीन संबंधों में सुधार, कारोबार और लोगों की आवाजाही को बढ़ाने पर जोर दिया।
शी जिनपिंग का यह भारत दौरा करीब सात साल बाद हुआ है, इसलिए दोनों नेताओं की बैठक पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी खास नजर रही।
BRICS Summit 2026 का क्या है मुख्य एजेंडा?
भारत की अध्यक्षता में आयोजित इस सम्मेलन का केंद्रीय विषय है:
“Building for Resilience, Innovation, Cooperation and Sustainability”
यानी लचीलापन, नवाचार, सहयोग और सतत विकास को मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है।
सम्मेलन में वैश्विक शासन व्यवस्था, बहुपक्षीय सहयोग, आर्थिक साझेदारी, आपूर्ति श्रृंखला, तकनीक, ऊर्जा, खाद्य सुरक्षा और विकास जैसे मुद्दे चर्चा के केंद्र में हैं।
भारत की ओर से BRICS के भीतर स्टार्टअप सहयोग, इनोवेशन और लॉजिस्टिक्स सप्लाई चेन को मजबूत करने जैसी पहलों पर भी जोर दिया जा रहा है।
दुनिया की नजर BRICS Summit पर
इस बार का सम्मेलन ऐसे समय हो रहा है जब दुनिया कई भू-राजनीतिक तनावों और संघर्षों से गुजर रही है। पश्चिम एशिया और यूक्रेन से जुड़े घटनाक्रमों के बीच BRICS देशों के बीच साझा रुख बनाने की कोशिश भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
सम्मेलन में सदस्य देशों ने संयुक्त घोषणा पर भी सहमति बनाई है, जिसमें एकतरफा युद्ध और अंतरराष्ट्रीय तनावों को लेकर चिंता व्यक्त की गई है।
भारत के लिए यह सम्मेलन वैश्विक दक्षिण की आवाज को मजबूती देने और प्रमुख शक्तियों के साथ अपने कूटनीतिक संबंधों को आगे बढ़ाने के लिहाज से अहम है।

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