सीजेपी का सरकार पर समझौता तोड़ने का आरोप, प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई रोकने की मांग

सीजेपी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में आरोप लगाया कि आंदोलन समाप्त होने के बाद भी छात्रों पर पुलिस कार्रवाई जारी है। कपिल सिब्बल ने कानूनी सहायता के लिए ₹1 करोड़ देने की घोषणा की।

सीजेपी का सरकार पर समझौता तोड़ने का आरोप, प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई रोकने की मांग

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सीजेपी का आरोप- प्रदर्शन खत्म होने के बाद भी छात्रों पर कार्रवाई जारी, सरकार पर समझौता तोड़ने का लगाया आरोप

नई दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने जंतर-मंतर पर अपना आंदोलन समाप्त करने के बाद सोमवार को पहली बार प्रेस कॉन्फ्रेंस कर केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए। संगठन का दावा है कि आंदोलन खत्म होने के बावजूद कई छात्र प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई जारी है, जो सरकार के साथ हुए समझौते की भावना के विपरीत है।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में सीजेपी के प्रवक्ता सौरव दास सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे। उनके साथ वरिष्ठ अधिवक्ता और राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल भी शामिल हुए।

छात्रों पर कार्रवाई रोकने की मांग

सीजेपी का कहना है कि आंदोलन समाप्त करने से पहले सरकार की ओर से प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई नहीं करने का भरोसा दिया गया था। संगठन ने आरोप लगाया कि इसके बावजूद विभिन्न स्थानों पर छात्रों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई और कानूनी प्रक्रियाएं जारी हैं।

सीजेपी ने मांग की कि आंदोलन से जुड़े सभी छात्रों के खिलाफ दर्ज मामलों की निष्पक्ष समीक्षा की जाए और जिन पर केवल शांतिपूर्ण प्रदर्शन में शामिल होने के आरोप हैं, उन्हें राहत दी जाए।

कपिल सिब्बल ने कानूनी सहायता का किया ऐलान

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कपिल सिब्बल ने कहा कि यदि देश के अलग-अलग राज्यों में आंदोलन से जुड़े छात्रों के खिलाफ कार्रवाई होती है तो उन्हें कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

उन्होंने बताया कि इसके लिए एक समन्वय तंत्र तैयार किया जाएगा, जो विभिन्न राज्यों से जानकारी एकत्र करेगा। साथ ही उन्होंने कानूनी सहायता के लिए ₹1 करोड़ तक सहयोग देने की घोषणा भी की।

देशभर से जुटाई जाएगी जानकारी

सीजेपी ने कहा कि संगठन उन सभी मामलों का रिकॉर्ड तैयार करेगा, जहां आंदोलन में शामिल छात्रों या समर्थकों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। इसके आधार पर आगे की कानूनी और लोकतांत्रिक रणनीति तय की जाएगी।

पेपर लीक आंदोलन के बाद खत्म हुआ था धरना

सीजेपी ने परीक्षा प्रणाली में सुधार और कथित पेपर लीक मामलों को लेकर लंबे समय तक जंतर-मंतर पर आंदोलन चलाया था। संगठन की प्रमुख मांगों में शिक्षा व्यवस्था में सुधार और जवाबदेही तय करना शामिल था।

बाद में सरकार के साथ बातचीत के बाद आंदोलन समाप्त करने की घोषणा की गई थी। अब संगठन का आरोप है कि समझौते के बाद भी प्रदर्शनकारियों को निशाना बनाया जा रहा है।

हालांकि, सरकार और संबंधित एजेंसियों की ओर से इन आरोपों पर आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है।

 


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