एनसीबी प्रमुख ने राज्यों से ड्रग्स तस्करी नेटवर्क को खत्म करने के लिए तीन साल का रोडमैप तैयार करने को कहा
नई दिल्ली, 20 दिसंबर (आईएएनएस)। नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) के प्रमुख ने आज राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों से ड्रग्स तस्करी नेटवर्क को खत्म करने के लिए एक व्यापक तीन साल का रोडमैप तैयार करने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि यह योजना न केवल तस्करी के मार्गों को बंद करेगी, बल्कि आपूर्ति श्रृंखला के हर स्तर पर कार्यरत सिंडिकेट्स को भी तोड़ देगी।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में बोलते हुए, एनसीबी प्रमुख ने कहा कि देश भर में ड्रग्स के बढ़ते सेवन और सीमा पार से होने वाली तस्करी के मामलों को देखते हुए तत्काल और समन्वित कार्रवाई की आवश्यकता है। उन्होंने राज्यों से आग्रह किया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में ड्रग्स के इस्तेमाल के रुझानों का विश्लेषण करें, प्रमुख तस्करों की पहचान करें, और एक विस्तृत कार्य योजना तैयार करें जो वर्ष 2027 तक तस्करी को लगभग समाप्त करने का लक्ष्य रखती हो।
तीन साल के रोडमैप के मुख्य बिंदु
पहला, राज्यों को सभी ज्ञात तस्करी मार्गों का एक डिजिटल मानचित्र तैयार करना होगा और उन्हें समयबद्ध तरीके से बंद करना होगा। दूसरा, एनसीबी, राज्य की एंटी-नारकोटिक्स इकाइयों और प्रवर्तन निदेशालय के बीच एक संयुक्त टास्क फोर्स का गठन किया जाएगा, जिसका उद्देश्य साप्ताहिक डेटा साझा करना और संयुक्त छापे मारना होगा। तीसरा, एक व्यापक जागरूकता अभियान शुरू किया जाएगा जो युवाओं को ड्रग्स के खतरों के बारे में शिक्षित करेगा, जिसमें स्कूलों, कॉलेजों और सामुदायिक केंद्रों में कार्यक्रम शामिल होंगे।
उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार ड्रग्स से संबंधित कानूनों में संशोधन करने और सजा को सख्त करने पर विचार कर रही है, ताकि बड़े तस्करों के लिए दंडात्मक उपायों को और अधिक कठोर बनाया जा सके। इसके अलावा, एक राष्ट्रीय हॉटलाइन स्थापित की जाएगी ताकि नागरिक संदिग्ध गतिविधियों की सूचना दे सकें और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
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एनसीबी प्रमुख ने राज्यों से आग्रह किया कि वे इस महत्वाकांक्षी योजना को अगले दो महीनों के भीतर अंतिम रूप दें, ताकि इसे राष्ट्रीय स्तर पर लागू किया जा सके। उन्होंने कहा कि एकजुट होकर काम करने से हम ड्रग्स की तस्करी के नेटवर्क को खत्म कर सकते हैं और एक स्वस्थ, नशामुक्त समाज का निर्माण कर सकते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि समन्वित प्रयासों से न केवल ड्रग्स की आपूर्ति में कमी आएगी, बल्कि उन संगठित गिरोहों की आर्थिक आधार भी खत्म हो जाएगी जो इस अवैध व्यापार से लाखों करोड़ रुपये कमाते हैं। यह कदम भारत को एक सुरक्षित और समृद्ध राष्ट्र की ओर ले जाने के प्रधानमंत्री के विजन के अनुरूप है।

Deepak













