OBC आरक्षण पर डोटासरा का BJP सरकार पर हमला, बोले- अधिकारों से छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं, सड़क से सदन तक लड़ेंगे
जयपुर। राजस्थान में OBC आरक्षण को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने OBC आयोग की रिपोर्ट और आरक्षण व्यवस्था को लेकर भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। डोटासरा ने आरोप लगाया कि सरकार की प्रस्तावित व्यवस्था से OBC समाज के राजनीतिक प्रतिनिधित्व और संवैधानिक अधिकारों पर असर पड़ सकता है।
डोटासरा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर सरकार से सवाल किया कि यदि OBC समाज की आबादी बड़ी संख्या में है तो स्थानीय निकायों और पंचायती राज संस्थाओं में उसके प्रतिनिधित्व को लेकर ऐसी व्यवस्था क्यों बनाई जा रही है, जिससे आरक्षण कम होने की आशंका पैदा हो रही है।
हालिया रिपोर्टों के मुताबिक राजस्थान में OBC आयोग की रिपोर्ट पंचायत और निकाय चुनावों में आरक्षण निर्धारण के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। रिपोर्ट को लेकर राजनीतिक विवाद भी सामने आया है।
डोटासरा का आरोप- OBC आरक्षण कम करने की कोशिश
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डोटासरा ने आरोप लगाया कि OBC आयोग की सर्वे रिपोर्ट के आधार पर मौजूदा आरक्षण व्यवस्था में बदलाव की कोशिश की जा रही है। उन्होंने दावा किया कि कुछ क्षेत्रों में OBC आरक्षण को काफी कम किए जाने की स्थिति बन सकती है।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने इसे सामाजिक न्याय के खिलाफ बताते हुए कहा कि आरक्षण का उद्देश्य अलग-अलग वर्गों को उनके सामाजिक और राजनीतिक प्रतिनिधित्व के अनुरूप अवसर उपलब्ध कराना है। उनके मुताबिक किसी एक वर्ग के अधिकारों को कम करके दूसरे वर्ग को लाभ देना सामाजिक न्याय की अवधारणा नहीं हो सकती।
हालांकि, आरक्षण के वास्तविक प्रतिशत और अंतिम व्यवस्था को लेकर सरकार की ओर से जारी आधिकारिक आदेश या अंतिम अधिसूचना को ही निर्णायक माना जाएगा।
'राजस्थान में आरक्षण क्यों घटाया जा रहा?'
डोटासरा ने सरकार से सवाल किया कि दूसरे राज्यों में पिछड़े वर्गों के प्रतिनिधित्व को बढ़ाने की मांग हो रही है, जबकि राजस्थान में OBC आरक्षण को लेकर कमी की चर्चा क्यों हो रही है।
उन्होंने सरकार से OBC आयोग की रिपोर्ट के आधार, सर्वे की प्रक्रिया और आरक्षण निर्धारण के फॉर्मूले को सार्वजनिक रूप से स्पष्ट करने की मांग की।
डोटासरा ने कहा कि सरकार को यह बताना चाहिए कि OBC वर्ग के राजनीतिक प्रतिनिधित्व का निर्धारण किन आंकड़ों और मानकों के आधार पर किया गया है।
SC-ST आरक्षण पर भी डोटासरा ने उठाए सवाल
OBC आरक्षण के साथ डोटासरा ने अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्गों के प्रतिनिधित्व का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि सामाजिक न्याय की व्यवस्था में सभी वर्गों के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा होना जरूरी है।
उन्होंने सरकार से मांग की कि आरक्षण व्यवस्था में किसी भी वर्ग के अधिकारों को प्रभावित करने वाला फैसला लेने से पहले सभी सामाजिक समूहों के आंकड़ों और प्रतिनिधित्व का निष्पक्ष अध्ययन किया जाए।
'सड़क से सदन तक लड़ेंगे'
OBC आरक्षण के मुद्दे पर कांग्रेस के आंदोलन की चेतावनी देते हुए डोटासरा ने कहा कि पार्टी इस मामले को विधानसभा से लेकर सड़क तक उठाएगी।
उन्होंने कहा कि OBC समाज के अधिकारों के साथ किसी भी तरह की छेड़छाड़ कांग्रेस स्वीकार नहीं करेगी। डोटासरा ने अपने बयान में सरकार के खिलाफ तीखा राजनीतिक तेवर अपनाते हुए कहा कि कांग्रेस और प्रदेश के युवा इस मुद्दे पर संघर्ष करेंगे।
आबादी के अनुपात में प्रतिनिधित्व की मांग
डोटासरा ने राज्य सरकार से आरक्षण व्यवस्था में पारदर्शिता लाने और अलग-अलग वर्गों के प्रतिनिधित्व को उनकी आबादी एवं संवैधानिक प्रावधानों के अनुरूप सुनिश्चित करने की मांग की।
उन्होंने कहा कि सरकार को OBC आयोग की रिपोर्ट और उसके आधार पर होने वाले आरक्षण निर्धारण की पूरी प्रक्रिया को सार्वजनिक करना चाहिए, ताकि किसी भी वर्ग में भ्रम या असंतोष की स्थिति पैदा न हो।
पंचायत और निकाय चुनावों पर पड़ेगा असर
राजस्थान में OBC आरक्षण को लेकर चल रही बहस का सीधा असर आगामी पंचायत और नगर निकाय चुनावों पर पड़ सकता है। हालिया रिपोर्टिंग के अनुसार OBC आयोग की रिपोर्ट के आधार पर आरक्षण निर्धारण की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है और सरकार के सामने चुनावी प्रक्रिया को समय पर पूरा करने की चुनौती भी है।
ऐसे में कांग्रेस की ओर से उठाए जा रहे सवाल आने वाले दिनों में राजनीतिक रूप से और महत्वपूर्ण हो सकते हैं। अब नजर सरकार के आधिकारिक फैसले और OBC आरक्षण को लेकर जारी होने वाली अंतिम व्यवस्था पर रहेगी।

Deepak










