जोधपुर: शहर के नजदीक बुझावड़ गांव में माइनिंग गतिविधियों के दौरान हुए तेज धमाके के बाद ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों का दावा है कि ब्लास्टिंग के बाद सरकारी स्कूल समेत 36 से अधिक मकानों की दीवारों में दरारें दिखाई दी हैं। तेज धमाके के दौरान घरों की छतें और दीवारें हिलने से लोगों को कुछ देर के लिए भूकंप जैसा महसूस हुआ। मामले के सामने आने के बाद जिला प्रशासन ने जांच के निर्देश दिए हैं।
धमाके के बाद घरों में दरारों से बढ़ी चिंता
ग्रामीणों के अनुसार, बुझावड़ क्षेत्र में लंबे समय से माइनिंग गतिविधियां चल रही हैं। रविवार को छुट्टी के दिन हुई ब्लास्टिंग के बाद कई घरों में नुकसान की शिकायत सामने आई। ग्रामीणों का कहना है कि धमाका इतना तेज था कि लोग अपने घरों से बाहर निकल आए।
स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि ब्लास्टिंग के बाद दीवारों और छतों में दरारें नजर आईं। उनका कहना है कि हर बार धमाके के दौरान मकानों की सुरक्षा को लेकर चिंता बनी रहती है। ग्रामीणों ने प्रशासन से क्षेत्र में होने वाली माइनिंग और ब्लास्टिंग की नियमित निगरानी की मांग की है।
शिकायत के बाद मौके पर पहुंची अधिकारियों की टीम
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मामला सामने आने के बाद जिला प्रशासन ने संबंधित अधिकारियों को जांच के निर्देश दिए। इसके बाद JDA और माइनिंग विभाग की टीम मौके पर पहुंची और स्थिति का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने ब्लास्टिंग से जुड़ी गतिविधियों और मकानों में आई दरारों के कारणों की जानकारी जुटाई।
माइनिंग विभाग के एमई शांतिलाल के अनुसार, कार्रवाई के दौरान माइनिंग में इस्तेमाल किए जा रहे दो ट्रैक्टर और एक JCB मशीन को कब्जे में लेकर गंगाना पुलिस चौकी भेजा गया है।
वैध और अवैध माइनिंग की भी होगी जांच
अधिकारियों के मुताबिक, बुझावड़ क्षेत्र में कुछ माइनिंग गतिविधियां वैध रूप से संचालित हो रही हैं, जबकि कुछ स्थानों को लेकर अवैध माइनिंग की शिकायतें सामने आई हैं। ऐसे में यह पता लगाया जा रहा है कि जिस स्थान पर ब्लास्टिंग हुई, वहां गतिविधि वैध थी या नहीं और ब्लास्टिंग किसकी ओर से की गई।
साथ ही यह भी जांच का विषय है कि मकानों में दिखाई दे रही दरारों के पीछे ब्लास्टिंग की कंपन जिम्मेदार है या कोई अन्य कारण। अंतिम स्थिति जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
ग्रामीण बोले- बार-बार मरम्मत कराना मुश्किल
ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में रहने वाले कई परिवार आर्थिक रूप से कमजोर या मध्यमवर्गीय हैं। ऐसे में बार-बार घरों की मरम्मत कराना उनके लिए आसान नहीं है। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि यदि नियमों का उल्लंघन कर ब्लास्टिंग हो रही है तो उसे रोका जाए और भविष्य में आबादी तथा सरकारी भवनों को नुकसान से बचाने के लिए प्रभावी निगरानी व्यवस्था बनाई जाए।
अधिकारियों ने कहा है कि जांच में यदि अवैध माइनिंग, नियमों का उल्लंघन या किसी की लापरवाही सामने आती है तो संबंधित के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

Deepak














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