जोजरी नदी प्रदूषण मामले में बड़ी कार्रवाई, सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई से पहले 5 गिरफ्तार
जोधपुर: जोजरी नदी में कथित औद्योगिक प्रदूषण के मामले में सुप्रीम कोर्ट में प्रस्तावित सुनवाई से ठीक पहले जांच एजेंसियों ने बड़ी कार्रवाई की है। विशेष जांच दल (SIT) ने कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (CETP) का संचालन करने वाले ट्रस्ट से जुड़े पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि उपचारित किए बिना औद्योगिक अपशिष्ट जल को अवैध पाइपलाइन के माध्यम से बाहर निकाला जा रहा था।
एसआईटी के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर गठित जांच समिति द्वारा निरीक्षण के दौरान CETP परिसर के बाहर एक कथित अवैध बाइपास पाइपलाइन के साक्ष्य मिले थे। प्रारंभिक जांच में आशंका जताई गई कि इस पाइपलाइन के जरिए अनुपचारित औद्योगिक अपशिष्ट जल को रीको क्षेत्र के नाले में छोड़ा जाता था, जहां से यह आगे जोजरी नदी तक पहुंचता था।
पांच लोगों की गिरफ्तारी
पुलिस ने इस मामले में CETP ट्रस्ट से जुड़े पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें ट्रस्ट के प्रबंधकीय पदों पर कार्यरत अधिकारी और एक सुपरवाइजर शामिल हैं। जांच अधिकारियों का कहना है कि उपलब्ध दस्तावेजों, तकनीकी रिपोर्ट और मौके से मिले साक्ष्यों के आधार पर यह कार्रवाई की गई है।
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जांच में सामने आए नए तथ्य
एसआईटी का कहना है कि पहले दर्ज एफआईआर में 18 लोगों को नामजद किया गया था। जांच आगे बढ़ने के साथ आरोपियों की संख्या बढ़ी है और अन्य संबंधित व्यक्तियों से भी पूछताछ की जा रही है। पुलिस का कहना है कि मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच जारी है।
सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई
इस मामले में 4 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई प्रस्तावित है। जांच एजेंसियां अदालत के समक्ष अपनी रिपोर्ट और अब तक जुटाए गए साक्ष्य प्रस्तुत कर सकती हैं। मामले पर अदालत के आगामी निर्देशों पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
(नोट: यह समाचार पुलिस और जांच एजेंसियों द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी पर आधारित है। मामले में आरोपों की न्यायिक पुष्टि होना अभी शेष है और अंतिम निर्णय संबंधित न्यायालय द्वारा लिया जाएगा।

News Desk














