Mumbai Local Train: तकनीकी खराबी से सेवाएं ठप, 3 की मौत, 80 ट्रेनें रद्द

मुंबई में सेंट्रल रेलवे की लोकल सेवाएं सिग्नलिंग खराबी और ओवरहेड वायर की समस्या से प्रभावित हुईं। 80 ट्रेनें रद्द हुईं, देरी 90 मिनट तक पहुंची और अलग-अलग घटनाओं में तीन लोगों की मौत हुई।

मुंबई लोकल ट्रेन तकनीकी खराबी और यात्रियों की परेशानी

Maharashtra

मुंबई लोकल ट्रेन सेवा तकनीकी खराबी से ठप, पटरियों पर उतरे यात्री; अलग-अलग घटनाओं में 3 की मौत

मुंबई: देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में सोमवार, 26 अक्टूबर को सेंट्रल रेलवे की लोकल ट्रेन सेवाएं तकनीकी खराबी के कारण बुरी तरह प्रभावित हुईं। सिग्नलिंग सिस्टम में गड़बड़ी और ओवरहेड उपकरण से जुड़ी समस्या के चलते हजारों यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। कई ट्रेनें 70 से 90 मिनट तक देरी से चलीं और 80 लोकल सेवाएं रद्द करनी पड़ीं। लंबे इंतजार से परेशान कुछ यात्री ट्रेनों से उतरकर रेलवे ट्रैक पर पैदल चलते नजर आए। इसी दिन रेलवे ट्रैक पर हुई अलग-अलग घटनाओं में तीन लोगों की मौत भी हुई। हालांकि, तीनों मौतों को तकनीकी खराबी से सीधे तौर पर जोड़ने की पुष्टि नहीं हुई

दो तकनीकी घटनाओं से बिगड़ा रेल परिचालन

रिपोर्टों के अनुसार, सोमवार सुबह करीब 9:23 बजे मुलुंड और ठाणे स्टेशन के बीच डाउन स्लो लाइन के ओवरहेड उपकरण पर एक तार लटकता हुआ मिला। इसके बाद रेलवे ने प्रभावित हिस्से में बिजली बंद कर मरम्मत का काम शुरू किया। यह समस्या दूर करने के लिए सुबह 10 बजे के आसपास पावर ब्लॉक लिया गया और करीब 10:48 बजे इस हिस्से को बहाल किया गया।

इसी बीच सुबह करीब 9:33 बजे कांजुरमार्ग स्टेशन के सिग्नलिंग हट में आग लगने की घटना सामने आई। इससे विक्रोली और भांडुप के बीच सिग्नलिंग सिस्टम प्रभावित हुआ और करीब 24 सिग्नल काम करना बंद कर गए। ट्रेनों को निर्धारित सुरक्षा प्रक्रियाओं के तहत चलाना पड़ा, जिससे उनकी आवाजाही की रफ्तार और संख्या पर असर पड़ा।

70 से 90 मिनट तक देरी, 80 लोकल ट्रेनें रद्द

तकनीकी गड़बड़ियों का असर सेंट्रल रेलवे की मेन लाइन और हार्बर लाइन पर पड़ा। कई ट्रेनों में यात्री लंबे समय तक फंसे रहे, जबकि स्टेशन प्लेटफॉर्म पर भी भीड़ बढ़ गई। लोकल सेवाओं के साथ लंबी दूरी की ट्रेनों के आगमन और प्रस्थान पर भी असर पड़ा।

यात्रियों को अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए बस, मेट्रो और ऑटो जैसे वैकल्पिक साधनों का सहारा लेना पड़ा। कुछ कॉलेजों में छात्रों के समय पर नहीं पहुंच पाने के कारण आंतरिक परीक्षाओं को भी दोबारा निर्धारित करना पड़ा।

भांडुप में ट्रेन की चपेट में आने से युवक की मौत

भांडुप स्टेशन पर 21 वर्षीय साहिल थिटे की लोकल ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई। रिपोर्टों के मुताबिक, मुलुंड निवासी साहिल दूसरे प्लेटफॉर्म पर जाने के लिए रेलवे ट्रैक पार करने की कोशिश कर रहा था, तभी तेज रफ्तार लोकल ट्रेन ने उसे टक्कर मार दी। उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।

कुर्ला राजकीय रेलवे पुलिस ने इस मामले में आकस्मिक मृत्यु की रिपोर्ट दर्ज की है। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज की जांच की, लेकिन युवक ने ट्रैक पार करने का फैसला क्यों किया, इसकी परिस्थितियों की जांच जारी थी।

घाटकोपर-विक्रोली के बीच दो शव मिले

सोमवार शाम करीब 9:30 बजे घाटकोपर और विक्रोली स्टेशन के बीच रेलवे ट्रैक पर दो और लोगों के शव मिले। दोनों की पहचान और मौत की परिस्थितियों को लेकर जांच की जानकारी सामने आई। शवों को राजावाड़ी अस्पताल ले जाया गया।

पुलिस ने इन दोनों मौतों के कारणों की पुष्टि नहीं की थी। इसलिए तीनों मौतों का उल्लेख एक ही दिन की घटनाओं के रूप में किया जा रहा है, लेकिन यह कहना सही नहीं होगा कि सभी की मौत सीधे लोकल ट्रेन सेवा बाधित होने के कारण हुई।

शाम तक सिग्नल बहाल, जांच के आदेश

रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, प्रभावित सिग्नल शाम तक बहाल कर दिए गए थे, लेकिन दिनभर की देरी के कारण सेवाओं पर असर देर रात तक बना रहा। कांजुरमार्ग के सिग्नलिंग हट में आग लगने के कारणों का पता लगाने के लिए जांच किए जाने की बात भी कही गई।

इस घटना ने मुंबई की व्यस्त लोकल ट्रेन व्यवस्था में तकनीकी खराबी के दौरान यात्रियों की सुरक्षा और सूचना व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े किए हैं। रेलवे ट्रैक पर पैदल चलना बेहद जोखिमभरा है, क्योंकि दूसरी लाइन पर ट्रेनें चलती रह सकती हैं। ऐसी स्थिति में यात्रियों को रेलवे कर्मचारियों के निर्देशों का पालन करना चाहिए और खुद ट्रैक पर उतरने से बचना चाहिए।

 


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