मणिपुर हिंसा: 3 मैतेई ग्रामीणों की हत्या, CM आवास के बाहर प्रदर्शन

manipur-violence-three-meitei-villagers-killed-protest

इंफाल में CM बंगले के बाहर से शवों को अस्पताल ले जाते पुलिसकर्मी

India

मणिपुर हिंसा फिर भड़की: 3 मैतेई ग्रामीणों की हत्या के बाद CM आवास के बाहर प्रदर्शन, पुलिस ने छोड़े आंसू गैस के गोले

इंफाल में तनाव के बीच सुरक्षा अभियान तेज, मुख्यमंत्री ने संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा बढ़ाने के निर्देश दिए; कांग्रेस ने सरकार से मांगा इस्तीफा

इंफाल। मणिपुर में ताजा हिंसक घटना के बाद हालात एक बार फिर तनावपूर्ण हो गए हैं। सोमवार, 19 अक्टूबर को इंफाल ईस्ट और कांगपोकपी जिले की सीमा के पास सुनुरोक पहाड़ी क्षेत्र में लकड़ी इकट्ठा करने गए मैतेई समुदाय के तीन ग्रामीणों की गोली मारकर हत्या कर दी गई। घटना में तीन अन्य लोग घायल हुए हैं। इस वारदात के बाद आक्रोशित लोग मृतकों के शव लेकर मुख्यमंत्री के आवास पहुंचे और मुख्य द्वार के बाहर रखकर प्रदर्शन किया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े।

लकड़ी लेने गए ग्रामीणों पर फायरिंग, तीन की मौत

पुलिस के अनुसार, सोमवार सुबह ग्रामीणों का एक समूह सुनुरोक पहाड़ियों में लकड़ी काटने और उसे ले जाने गया था। इसी दौरान अज्ञात हथियारबंद लोगों ने उन पर गोलीबारी कर दी। घटना में तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य घायल हो गए।

मृतकों की पहचान अरुबाम रोनिल, लैरेनलकपम इनाओबी और क्षेत्रीमयुम सुशील के रूप में हुई है। रिपोर्टों के मुताबिक, दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीसरे घायल ने अस्पताल में दम तोड़ दिया। घायलों का इलाज अस्पताल में चल रहा है।

मुख्यमंत्री आवास के बाहर शव रखकर जताया विरोध

तीन ग्रामीणों की मौत से नाराज स्थानीय लोग शवों को लेकर इंफाल स्थित मुख्यमंत्री के आवास पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने शवों को बाबूपारा में मुख्यमंत्री आवास के मुख्य द्वार के बाहर रख दिया और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर नाराजगी जाहिर की।

भीड़ को हटाने के लिए पुलिस ने कई राउंड आंसू गैस के गोले छोड़े। बाद में शवों को जवाहरलाल नेहरू इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (JNIMS) के शवगृह पहुंचाया गया। प्रदर्शन के दौरान इंफाल के कुछ इलाकों में सड़कें अवरुद्ध रहीं और बाजारों तथा दुकानों पर भी असर पड़ा।

सुरक्षा बलों ने शुरू किया तलाशी अभियान

हमले के बाद सुरक्षा बलों ने सुनुरोक पहाड़ियों और आसपास के संवेदनशील क्षेत्रों में तलाशी अभियान शुरू किया। अधिकारियों के मुताबिक, अभियान में विभिन्न सुरक्षा एजेंसियां शामिल हैं। संदिग्ध हमलावरों का पता लगाने और आगे की हिंसा रोकने के लिए निगरानी तथा सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की गई है।

मुख्यमंत्री वाई. खेमचंद सिंह ने नागरिकों की हत्या की निंदा करते हुए अधिकारियों को संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा उपाय बढ़ाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने अस्पताल जाकर घायलों से भी मुलाकात की। इसके बाद उन्होंने सुरक्षा स्थिति की समीक्षा के लिए अधिकारियों और सुरक्षा एजेंसियों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की।

कांग्रेस ने मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग की

घटना के बाद विपक्षी कांग्रेस ने राज्य सरकार पर सवाल उठाए और मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग की। पार्टी ने आरोप लगाया कि लगातार हो रही हत्याओं के कारण लोगों में असुरक्षा की भावना बढ़ रही है। यह कांग्रेस की राजनीतिक प्रतिक्रिया है; सरकार की ओर से सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और घटना की जांच के लिए कदम उठाए जाने की जानकारी दी गई है।

2023 से जारी जातीय संघर्ष के बीच फिर बढ़ा तनाव

मणिपुर में मई 2023 से मैतेई और कुकी समुदायों के बीच जातीय संघर्ष जारी है। इस लंबे संघर्ष में सैकड़ों लोगों की जान जा चुकी है और बड़ी संख्या में लोग विस्थापित हुए हैं। ताजा हमला ऐसे समय हुआ है, जब राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में सुरक्षा और शांति बहाल करने की चुनौती बनी हुई है।

फिलहाल, सुनुरोक क्षेत्र में हमले के जिम्मेदार लोगों की पहचान और गिरफ्तारी को लेकर सुरक्षा अभियान जारी है। प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती हिंसा को और फैलने से रोकना तथा प्रभावित क्षेत्रों में सामान्य स्थिति बहाल करना है।

 


Diya
Author

Diya

Diya is a passionate and dedicated News Editor focused on delivering accurate, timely, and trustworthy news. She specializes in editing, fact-checking, and publishing stories across local, national, and international events.

Search

Download App

Get Our Mobile App

It is a long established fact that a reader will be distracted by the readable content.