जोधपुर में पुलिसकर्मी से 16.42 लाख की साइबर ठगी, 20% कमीशन का लालच देकर फंसाया
जोधपुर: साइबर ठगों ने अब पुलिसकर्मियों को भी अपने निशाने पर लेना शुरू कर दिया है। जोधपुर पुलिस कमिश्नरेट में सहायक उपनिरीक्षक के पद पर तैनात 46 वर्षीय लिखमाराम कथित तौर पर ऑनलाइन ठगी का शिकार हो गए। आरोपियों ने ऑनलाइन सामान ऑर्डर करने पर 20 प्रतिशत कमीशन देने का झांसा देकर उनसे अलग-अलग बैंक खातों और यूपीआई आईडी में लाखों रुपए ट्रांसफर करवाए।
मामले में पीड़ित की शिकायत पर माता का थान थाना पुलिस ने साइबर धोखाधड़ी का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
WhatsApp पर भेजा गया था लिंक
शिकायत के अनुसार, फरवरी 2026 में लिखमाराम के मोबाइल पर एक अनजान नंबर से WhatsApp मैसेज आया। मैसेज में निवेश से संबंधित एक लिंक भेजा गया था। आरोपियों ने उन्हें 'समर कलेक्शन' नाम की ऑनलाइन शॉप खोलने और उसके जरिए सामान के ऑर्डर पूरे करने की जानकारी दी।
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ठगों ने दावा किया कि ऑनलाइन शॉप पर आने वाले प्रत्येक ऑर्डर पर 20 प्रतिशत कमीशन मिलेगा, जिसे वॉलेट या बैंक खाते में प्राप्त किया जा सकेगा।
शुरुआत में पीड़ित ने करीब 16,029 रुपए ट्रांसफर किए। इसके बाद ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर कुछ कमीशन दिखाया गया। इससे उन्हें लेनदेन के वास्तविक होने का भरोसा हुआ।
पैसे निकालने पर शुरू हुआ चार्ज का खेल
शिकायत के मुताबिक, जब पीड़ित ने कथित कमीशन की रकम निकालने की कोशिश की तो आरोपियों ने अलग-अलग शुल्क के नाम पर और पैसे जमा कराने को कहा।
कभी GST, कभी सर्विस टैक्स और अन्य चार्ज के नाम पर लगातार रकम ट्रांसफर करवाई गई। इस तरह धीरे-धीरे ट्रांजेक्शन की रकम बढ़ती चली गई।
बेटे और परिचित के खातों से भी हुए ट्रांजेक्शन
पीड़ित के अनुसार, 12 फरवरी 2026 से 2 सितंबर 2026 के बीच उन्होंने अपने अलावा अपने बेटे समरजीत और परिचित कुणाल गोयल के बैंक खातों का इस्तेमाल करते हुए अलग-अलग UPI आईडी और बैंक खातों में रकम भेजी।
शिकायत में करीब 15,58,521 रुपए अलग-अलग खातों में ट्रांसफर किए जाने की बात कही गई है। कुल मिलाकर साइबर ठगी में 16,42,964 रुपए की रकम जाने का आरोप है।
1930 पर की शिकायत, अब पुलिस जांच में जुटी
लगातार पैसे जमा कराने के बावजूद रकम वापस नहीं मिलने पर पीड़ित को साइबर ठगी का अंदेशा हुआ। इसके बाद उन्होंने साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 और संबंधित ऑनलाइन पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई।
बाद में माता का थान थाने में मामला दर्ज किया गया। पुलिस अब कथित तौर पर इस्तेमाल किए गए बैंक खातों, UPI आईडी, मोबाइल नंबरों और ऑनलाइन लिंक की जांच कर रही है।
साइबर ठगी से बचने के लिए ध्यान रखें
- WhatsApp या SMS पर आए अनजान निवेश लिंक पर क्लिक न करें।
- ऑनलाइन कमीशन या मुनाफे के नाम पर पहले पैसे जमा कराने वाले प्लेटफॉर्म से सावधान रहें।
- GST, टैक्स, सर्विस चार्ज या निकासी शुल्क के नाम पर बार-बार भुगतान मांगा जाए तो तुरंत सतर्क हो जाएं।
- किसी अनजान व्यक्ति को OTP, UPI PIN या बैंकिंग संबंधी गोपनीय जानकारी न दें।
- ठगी होने पर तुरंत 1930 पर शिकायत करें।

Diya













