कॉमनवेल्थ गोल्ड के बाद अरुंधति की नई उड़ान, अब ओलिंपिक गोल्ड जीतने का लक्ष्य
जयपुर। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड मेडल जीतकर देश और राजस्थान का नाम रोशन करने वाली बॉक्सर अरुंधति ने कहा कि यह उनकी मंजिल नहीं बल्कि एक नई शुरुआत है। उनका अगला लक्ष्य ओलिंपिक में भारत के लिए स्वर्ण पदक जीतना है।
जयपुर पहुंचने पर मीडिया से बातचीत में अरुंधति ने अपने संघर्ष, परिवार के सहयोग और खेल जीवन के अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि शुरुआती दिनों में समाज के कई लोग उनके पिता को सलाह देते थे कि बेटी को बॉक्सिंग जैसे खेल में मत भेजो, इससे उसका भविष्य खराब हो जाएगा।
हालांकि उनके पिता ने हमेशा उनका मनोबल बढ़ाया और कहा कि "बॉक्सिंग तुम्हारा शौक है, मजबूरी नहीं। अपनी सीमाएं पहचानो और अपने लक्ष्य पर हमेशा ध्यान रखो।"
अरुंधति ने कहा कि उन्होंने पिता की इसी सीख को जीवन का मंत्र बनाया और कभी भी अपने लक्ष्य से भटकने नहीं दिया। यही सोच उन्हें आज कॉमनवेल्थ गेम्स के स्वर्ण पदक तक लेकर आई।
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उन्होंने कहा कि एक खिलाड़ी के जीवन में सफलता के साथ-साथ अनुशासन, मानसिक मजबूती और लगातार मेहनत सबसे ज्यादा जरूरी होती है। अब उनकी पूरी तैयारी ओलिंपिक में भारत के लिए गोल्ड मेडल जीतने पर केंद्रित है।
राजस्थान में खेलों के बढ़ते माहौल पर उन्होंने कहा कि यदि खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं, गुणवत्तापूर्ण कोचिंग और सुरक्षित वातावरण मिले तो प्रदेश से अंतरराष्ट्रीय स्तर के कई खिलाड़ी निकल सकते हैं।
महिला खिलाड़ियों की सुरक्षा और खेलों में उनके भविष्य को लेकर पूछे गए सवाल पर अरुंधति ने कहा कि परिवार का भरोसा और समाज का सकारात्मक सहयोग लड़कियों को आगे बढ़ने की सबसे बड़ी ताकत देता है। उन्होंने युवा खिलाड़ियों से अपील की कि वे कठिन परिस्थितियों से घबराएं नहीं और अपने सपनों के लिए लगातार मेहनत करते रहें।
कॉमनवेल्थ में मिली सफलता के बाद अरुंधति अब अपने गृह नगर कोटा जाएंगी, जहां परिवार और खेल प्रेमियों द्वारा उनका स्वागत किया जाएगा।
सवाल-जवाब (Q&A)
सवाल 1: अरुंधति ने कॉमनवेल्थ गोल्ड जीतने के बाद क्या कहा?
जवाब: उन्होंने कहा कि कॉमनवेल्थ गोल्ड उनकी मंजिल नहीं बल्कि नई शुरुआत है। अब उनका लक्ष्य ओलिंपिक में भारत के लिए स्वर्ण पदक जीतना है।
सवाल 2: अरुंधति को सबसे बड़ी प्रेरणा किससे मिली?
जवाब: उन्होंने बताया कि उनके पिता की सीख ने उन्हें हमेशा प्रेरित किया। पिता ने कहा था कि बॉक्सिंग शौक है, मजबूरी नहीं और हमेशा अपने लक्ष्य पर ध्यान रखना।
सवाल 3: लोगों ने शुरुआती दौर में क्या कहा था?
जवाब: कई लोगों का मानना था कि लड़की को बॉक्सिंग में भेजने से उसका भविष्य खराब हो जाएगा, लेकिन परिवार ने उनका पूरा साथ दिया।
सवाल 4: महिला खिलाड़ियों के लिए अरुंधति का क्या संदेश है?
जवाब: उन्होंने कहा कि आत्मविश्वास बनाए रखें, मेहनत करते रहें और समाज की नकारात्मक बातों से प्रभावित हुए बिना अपने सपनों का पीछा करें।
सवाल 5: अरुंधति का अगला लक्ष्य क्या है?
जवाब: उनका अगला लक्ष्य ओलिंपिक में भारत के लिए गोल्ड मेडल जीतना है।

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