CJP के सौरव दास और आशुतोष रांका को क्राइम ब्रांच का समन, जमानत के अगले दिन पूछताछ के लिए बुलाया
Delhi News: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) से जुड़े सौरव दास और आशुतोष रांका की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। जंतर-मंतर और कनॉट प्लेस में हुए प्रदर्शनों से जुड़े मामलों में दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने दोनों को समन भेजा है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, दोनों को पूछताछ के लिए पेश होने को कहा गया है। यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब दोनों को हाल ही में अदालत से जमानत मिली थी।
क्राइम ब्रांच ने संभाली मामलों की जांच
दी गई जानकारी के मुताबिक, दिल्ली पुलिस ने मंगलवार को इन मामलों की जांच क्राइम ब्रांच को सौंप दी थी। इससे पहले संसद मार्ग थाने में प्रदर्शन से संबंधित मामले दर्ज किए गए थे। अब क्राइम ब्रांच आरोपों और घटनाक्रम की जांच कर रही है तथा पूछताछ के लिए दोनों को बुलाया गया है।
प्रदर्शन के दौरान बिना अनुमति जुटने, शांति बनाए रखने के लिए दिए गए बॉन्ड की शर्तों का उल्लंघन करने और पुलिस के काम में बाधा डालने जैसे आरोपों का उल्लेख किया गया है। इन आरोपों की पुष्टि और प्रत्येक व्यक्ति की भूमिका जांच के निष्कर्षों पर निर्भर करेगी।
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मुख्य निर्वाचन आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन
रिपोर्ट के अनुसार, अक्टूबर के मध्य में CJP के कार्यकर्ताओं ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने की कोशिश की थी।
पुलिस का आरोप है कि प्रदर्शनकारियों ने बिना पूर्व अनुमति निर्धारित क्षेत्र में प्रवेश करने की कोशिश की और बैरिकेड्स पार कर कानून-व्यवस्था प्रभावित की। इस मामले में सौरव दास, आशुतोष रांका और अन्य लोगों को हिरासत में लिया गया था।
हालांकि, पुलिस के आरोपों और प्रदर्शनकारियों के पक्ष को अलग-अलग समझना जरूरी है। किसी मामले में गिरफ्तारी या समन जारी होना अपने आप में आरोप साबित होने का प्रमाण नहीं है।
जमानत मिलने के बाद फिर पूछताछ की तैयारी
दी गई जानकारी के मुताबिक, सौरव दास और आशुतोष रांका को लगभग सात दिन हिरासत में रहने के बाद अदालत से निजी मुचलके पर रिहाई मिली। इसके बाद दोनों बुधवार रात तिहाड़ जेल से बाहर आए।
अब क्राइम ब्रांच की ओर से समन जारी किए जाने के बाद मामले में पूछताछ की प्रक्रिया आगे बढ़ सकती है। जमानत मिलने का अर्थ यह नहीं है कि जांच समाप्त हो गई है; जांच एजेंसी कानूनी प्रक्रिया के तहत पूछताछ कर सकती है।
कौन हैं सौरव दास और आशुतोष रांका?
सौरव दास को CJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता के रूप में पहचाना जाता है। उपलब्ध विवरण के अनुसार, वह पहले खोजी पत्रकारिता और शोध से जुड़े रहे हैं। आशुतोष रांका संगठन के अभियानों और गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाते बताए गए हैं।
CJP हाल के महीनों में अपने विरोध प्रदर्शनों और सोशल मीडिया गतिविधियों के कारण चर्चा में रही है। संगठन चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता और प्रशासनिक जवाबदेही जैसे मुद्दे उठाता रहा है।
फिलहाल, क्राइम ब्रांच की जांच और समन के बाद होने वाली पूछताछ महत्वपूर्ण होगी। मामले में किसी बड़ी साजिश या अन्य लोगों की भूमिका को लेकर कोई निष्कर्ष निकालने से पहले पुलिस की आधिकारिक जानकारी और जांच के नतीजों का इंतजार करना जरूरी है।

Deepak












