जोधपुर बोरवेल हादसा: 22 घंटे बाद भी नहीं निकला 9 वर्षीय भोमाराम, NDRF-SDRF का रेस्क्यू जारी
जोधपुर के लोहावट क्षेत्र के नौसर में 1,000 फीट से अधिक गहरे बोरवेल में गिरा बच्चा 600 फीट से ज्यादा गहराई पर फंसा है। बचाव दल उसे बाहर निकालने के प्रयास में जुटे हैं।
जोधपुर। राजस्थान के जोधपुर जिले के लोहावट क्षेत्र के नौसर में बोरवेल में गिरे 9 वर्षीय भोमाराम को बाहर निकालने के लिए बचाव अभियान जारी है। हादसे के करीब 22 घंटे बाद भी बच्चे को बाहर नहीं निकाला जा सका है। मौके पर राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) और राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) की टीमें बचाव कार्य में जुटी हैं। प्रशासनिक अधिकारी भी अभियान की निगरानी कर रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, बोरवेल की गहराई 1,000 फीट से अधिक बताई जा रही है, जबकि भोमाराम 600 फीट से ज्यादा नीचे फंसा हुआ है। इतनी गहराई और तकनीकी चुनौतियों के कारण रेस्क्यू टीमों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। शुक्रवार सुबह कुछ समय रुकने के बाद बचाव अभियान दोबारा शुरू किया गया।
गहराई और तकनीकी बाधाओं से रेस्क्यू में मुश्किल
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बचाव अभियान के दौरान बच्चे की स्थिति का पता लगाने के लिए कैमरे की मदद ली जा रही थी। हालांकि, उसके ऊपर पत्थर आने के कारण उसकी स्थिति देख पाने में परेशानी होने की जानकारी सामने आई है। बोरवेल में पानी और नमी की मौजूदगी भी बचाव कार्य को जटिल बना रही है।
बच्चे को सुरक्षित निकालने के लिए विशेषज्ञ मादाराम को भी मौके पर बुलाया गया है, जिन्हें बोरवेल में फंसे बच्चों को निकालने का अनुभव बताया जा रहा है। बचाव दल उपलब्ध संसाधनों और तकनीकों के जरिए बच्चे तक पहुंचने के प्रयास कर रहे हैं।
खेत में चल रहा था मरम्मत का काम
पुलिस के अनुसार, पांचाराम भील के खेत में लगे बोरवेल की मशीन खराब हो गई थी। इसी वजह से पंप को बाहर निकालकर मरम्मत का काम किया जा रहा था। इस दौरान पास में खेल रहा उनका 9 वर्षीय बेटा भोमाराम खुले बोरवेल में गिर गया।
बच्चे के गिरने के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और प्रशासन को सूचना दी गई। इसके बाद राहत एवं बचाव दल मौके पर पहुंचे और अभियान शुरू किया गया।
प्रशासन की निगरानी में बचाव अभियान
घटनास्थल पर प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी मौजूद हैं। बच्चे को बाहर निकालने के लिए वैकल्पिक उपायों पर भी विचार किया जा रहा है। गहराई अधिक होने के कारण दूसरी तरफ से खुदाई करना भी चुनौतीपूर्ण बताया जा रहा है।
फिलहाल बचाव अभियान जारी है। भोमाराम की स्थिति को लेकर आधिकारिक और पुष्ट जानकारी सामने आने का इंतजार है।

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